बिहार के दरभंगा जिले में पहले हिंदू रीति-रिवाज से शादी की, फिर पड़ोस में रहने वाले मुस्लिम युवक शाहिद से प्यार के बाद कोर्ट में शादी कर ली। अब संतान नहीं होने पर प्रेमी के दूसरे निकाह में बाधा उत्पन्न करने के बाद ससुराल वालों ने प्रताड़ित करते हुए घर से निकाल दिया। विवाहिता ने 13 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। घटना की पुष्टि करते हुए थानाध्यक्ष ने कहा कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
पूरी घटना विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के लक्ष्मीसागर मोहल्ले का है। एक पिता अपनी पुत्री की शादी मधुबनी जिले के बिस्फी थाना क्षेत्र के भपुरा गांव में बड़े ही धूमधाम से करते हुए बेटी को ससुराल से विदा किया था। जहां कुछ दिनों में ही उसका पड़ोस में रहने वाले एक मुस्लिम युवक शाहिद से नैना चार हो गई। कुछ ही दिनों में दोनों का प्यार परवान चढ़ गया और दोनों ने भागकर शादी रचाने का फैसला कर लिया।
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भागकर कोर्ट में की शादी
इस बीच विवाहिता ने अपना ससुराल छोड़ा और प्रेमी ने अपने गांव को त्यागते हुए दरभंगा जिले के कमतौल थाना क्षेत्र स्थित टेकटार गांव में रहकर साल 2018 में कोर्ट में जाकर विधिवत शादी भी कर लिया। मामला तब बिगड़ गया, जब इस विवाहिता द्वारा संतान नहीं पैदा होने पर शाहिद और उसका परिवार दूसरा निकाह करने की सोच रहे थे, जिसका विवाहिता ने विरोध किया। इसके बाद मामला बिगड़ता चला गया। उसे जब ससुराल वालों ने प्रताड़ित करते हुए घर से निकाल दिया गया। इसके बाद विवाहिता ने थाना में ससुर सहित 13 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाई है।
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एफआईआर में पति शाहिद का नाम नहीं
हालांकि, कमतौल थाने में दर्ज प्राथमिकी में विवाहिता ने अपने पति शाहिद का नाम नहीं दिया है। जबकि वह अपने सुसर मो. अलाउद्दीन सहित 13 लोगों को आरोपी बनाया है। इसमें आरोप लगाया है कि जमीन रजिस्ट्री के नाम पर चार लाख रुपये की ठगी कर ली गई है। उसे अब घर से निकाल दिया गया है। अब वह न मायके जा रही है, न ससुराल और ने कोर्ट मैरिज वाले पति शाहिद के पास। मामले में कमतौल थाना के दारोगा और केस के अनुसंधानक ललन कुमार ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज की गई है। जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।