बिहार के मधेपुरा जिले की पुलिस हत्या की आशंका की जांच आदेश मिलने के बाद नहीं बल्कि हत्या के बाद करती है। ऐसा ही एक मामाला जिले के सिंहेश्वर थाना क्षेत्र का है। जहां मजरहट निवासी मोहन साह की हत्या कर दी गई है। मोहन सब्जी बेचने का काम करता था। वह 17 मार्च को घर से लापता हुआ था जिसके बाद 22 अप्रैल को उसका शव बुधमा नहर से बरामद हुआ।
हत्या के बाद मोहन के परिवार ने अज्ञात लोगों पर हत्या का केस दर्ज करवाया। जिसके बाद मामले को संवेदनशील बताते हुए पुलिस ने जांच शुरू कर दी थी। वहीं मोहन के परिवार वालों ने जो कागजात पेश किए हैं उनसे साफ तौर पर जाहिर हो रहा है कि इस हत्या के पीछे पुलिस और प्रशासन की बड़ी लापरवाही है।
मौत से पहले भेजे थे पत्र
मोहन के घर में रखे एक बक्से को जब उसके परिवार वालों ने खोला तो वो हैरान रह गए। उन्हें बक्से में पत्र की कुछ रसीदें मिली जिनसे पता चलता है कि उसने हत्या से पहले एसपी-डीएम से लेकर सीएम-पीएम को पत्र लिखे थे। जानकारी के मुताबिक मोहन ने प्रधान डाकघर, मधेपुरा से 13 अप्रैल को स्पीड पोस्ट से सीएम, डीएम, एसपी और पीएम के नाम से स्पीड पोस्ट भेजा था। सूत्रों के मुताबिक उसने पत्र के जरिए खुद की हत्या की आशंका जताई थी। लेकिन समय पर कोई कार्रवाई नहीं की गई और मोहन को अपनी जान गंवानी पड़ी।