किशोर ने एक छोटा वीडियो टैग किया जिसमें एक स्थान में कुछ लोग बंद हैं और उनमें से एक अपनी कठिनाइयों का जिक्र करते हुए रोने लगता है। लॉकडाउन की वजह से देश के विभिन्न हिस्से से कामगार अपने गृह राज्य बिहार लौट रहे हैं, ऐसे में राज्य सरकार ने उन्हें पृथक रखने के लिए केन्द्र बनाएं हैं। ऐसी खबरें हैं कि लोगों की बड़ी संख्या और उनके गुस्से को देखते हुए सरकार उन्हें उनके गांवों तक जाने देने के लिए मजबूर हुई है।
किशोर कोरोना वायरस से निपटने के तरीकों पर केन्द्र और बिहार सरकार पर निशाना साधते रहे हैं। हाल ही में उन्होंने कहा था कि 21 दिन का बंद बेतरतीब है। गौरतलब है कि किशोर जदयू में नीतीश कुमार के बाद दूसरे स्थान पर सबसे ताकतवार माने जाने थे पर नागरिकता संशोधन कानून को समर्थन देने के लिए नीतीश की लगातार आलोचना करने के कारण उन्हें इस साल की शुरुआत में पार्टी से निकाल दिया गया था।