हरियाणा के नौलखा में अडानी एग्रीलॉजिस्टिक लिमिटेड को 100 एकड़ जमीन दिए जाने का मामला तूल पकड़ने लगा है। बिहार कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि अडानी को लाभ पहुंचाने के लिए ही केंद्र की मोदी सरकार ने कृषि कानून बनाए और उन्हें देश पर थोप दिया।
पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने जमीन अधिग्रहण और भूमि उपयोग बदलने की तारीखों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि तीनों कृषि कानून संसद से पहले उद्योगपतियों के दफ्तरों में तैयार हुए।
दरअसल अडानी एग्रीलॉजिस्टिक लिमिटेड ने पानीपत के नौलखा में भंडारण के लिए सरकार से 100 एकड़ जमीन की मांग की थी। 7 मई, 2020 को हरियाणा सरकार ने अडानी की यह मांग स्वीकार कर ली थी और इसके एक माह में 5 जून, 2020 को कृषि कानूनों को मंजूरी दे दी गई, जिसमें अन्न भंडारण की सीमा खत्म कर दी गई।