बिहार के भागलपुर में पुलिस की पिटाई से हुई इंजीनियर आशुतोष की मौत के मामले में डीआईजी ने थानाध्यक्ष को बर्खास्त कर दिया है। पिटाई करने के बाद से ही थानाध्यक्ष फरार है।
घटना के विषय में बताया जाता है कि 24 अक्तूबर को जब आशुतोष पाठक अपने परिवार के साथ बाइक से घर लौट रहे थे। सड़क पर बैरिकेडिंग को लेकर वहां मौजूद पुलिसकर्मियों से उनकी बहस हो गई थी और उसके बाद थाना अध्यक्ष रंजीत कुमार मंडल ने आशुतोष को थाने ले जाकर हवालात बंद कर दिया था।
हवालात में ही आशुतोष की बेरहमी से पिटाई की गई उसके बाद 25 अक्तूबर को इलाज के दौरान आशुतोष की मौत हो गई।
डीआईजी सुजीत कुमार ने अमर उजाला से कहा कि कानून सबके लिए बराबर है। वो आम हो या खास। इसका कोई दुरुपयोग नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा कि बिहपुर के पूर्व थानाध्यक्ष रंजीत कुमार मंडल पर लगे आरोप बेहद गंभीर हैं, इसलिए बर्खास्त कर दिया गया है।