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Nitish Kumar : लालू से दूर-दूर आनंद मोहन के पास-पास नीतीश कुमार; बाहुबली के घर पहुंचे तो क्या बोले

Fri, 27 Oct 2023 04:49 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

सीएम नीतीश कुमार ने सहरसा के पचगछिया स्थित भगवती प्रांगण में स्वतंत्रता सेनानी स्व. रामबहादुर सिंह और उनके बड़े बेटे स्वतंत्रता सेनानी स्व. पद्मानंद सिंह ब्रह्मचारी की प्रतिमा का अनावरण किया। 
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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और ललन सिंह के साथ आनंद मोहन और उनका परिवार। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज पूर्व सांसद और बाहुबली आनंद मोहन के पैतृक गांव पहुंचे। उनके साथ जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह भी मौजूद थे। सीएम नीतीश कुमार ने सहरसा के पचगछिया स्थित भगवती प्रांगण में आनंद मोहन के दादा और स्वतंत्रता सेनानी स्व. रामबहादुर सिंह और उनके बड़े बेटे यानी आनंद मोहन के चाचा स्वतंत्रता सेनानी स्व. पद्मानंद सिंह ब्रह्मचारी की प्रतिमा का अनावरण किया। इसके बाद नीतीश कुमार ने जनसभा को संबोधित भी किया। सीएम नीतीश कुमार के इस कार्यक्रम को लेकर बिहार की सियायत गरमाई हुई है। कहा यह जा रहा है कि "ठाकुर का कुंआ" विवाद पर राजद कोटे से राज्यसभा सांसद मनोज झा की जीभ खींचने वाला बयान देने वाले आनंद मोहन राजद और लालू परिवार से दूर होते जा रहे हैं। वहीं सीएम नीतीश कुमार से करीब। इसलिए सीएम नीतीश कुमार का यह कार्यक्रम आज चर्चा में है। 

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सीएम नीतीश कुमार ने क्या कहा, यह जानें
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व. रामबहादुर सिंह एवं स्व. पद्मानंद सिंह ब्रह्मचारी की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में आप सबने मुझे आमंत्रित किया, इसके लिए आप सभी का मैं अभिनंदन करता हूं। स्व. रामबहादुर सिंह पूर्व सांसद आनंद मोहन के दादाजी थे। पूर्व सांसद आनंद मोहन और उनकी पत्नी पूर्व सांसद लवली आनंद ने मुझे इस कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया था। इनलोगों से मेरा पुराना पारिवारिक संबंध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति अपनी जगह है, आनंद मोहनजी से मेरा पारिवारिक संबंध है। इनके घर हम पहले भी आते रहे हैं और इनके माताजी-पिताजी से आशीर्वाद लेते रहे हैं। आज प्रतिमा अनावरण के कार्यक्रम के अवसर पर आकर मुझे खुशी हो रही है। कुछ लोग देश के इतिहास को बदलना चाहते हैं, लेकिन हम सबको सचेत रहना है। सभी लोग नयी पीढ़ी को इतिहास के बारे में बताते रहिए और उन्हें महापुरुषों के कार्यों एवं उनके योगदान के बारे में प्रेरित करते रहें। हम आपलोगों की सेवा करते रहेंगे। आपलोगों की समस्या के समाधान के लिए कोशिश करते रहेंगे। देश की आजादी के इतिहास को भुलाइएगा नहीं और सभी लोग मिलकर देश को आगे बढ़ाते रहिए ।

ललन सिंह समेत मंत्री-विधायक भी उपस्थित रहे
कार्यक्रम के आयोजक फ्रेंड्स ऑफ आनंद की ओर से मुख्यमंत्री को अंगवस्त्र, प्रतीक चिह्न एवं मखाना की बड़ी माला पहनाकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम को जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, पूर्व सांसद आनंद मोहन, पूर्व सांसद लवली आनंद, बड़े बेटे व राजद विधायक चेतन आनंद, छोटे बेटे अंशुमन आनंद, पूर्व मुखिया चंद्रशेखर ठाकुर और फ्रेंड्स ऑफ आनंद के प्रदेश अध्यक्ष पूर्णानंद यादव ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री रत्नेश सादा, विधायक पन्ना लाल पटेल, विधायक गुंजेश्वर साह, सहरसा के जदयू जिलाध्यक्ष चंद्रदेव मुखिया, पंचगछिया ग्राम पंचायत के मुखिया रौशन सिंह आदि उपस्थित थे। कोसी प्रमंडल के आयुक्त मनोज कुमार, कोसी प्रक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक शिवदीप लांडे, सहरसा के जिलाधिकारी वैभव चौधरी, सहरसा के पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा भी इस मौके पर मौजूद थे।

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बिहार सरकार ने नियमों में बदलाव कर दी रिहाई
बता दें कि नीतीश सरकार ने  10 अप्रैल को बिहार जेल मैनुअल 2012 में बदलाव किया था। इसके तहत सरकारी कर्मचारी की ड्यूटी के दौरान हत्या को भी सामान्य हत्याकांड की तरह कर दिया गया। पहले प्रावधान था कि सरकारी कर्मचारी की ड्यूटी के दौरान हत्या करने वालों को रिहाई में छूट नहीं मिलेगी। इस बदलाव के बाद आनंद मोहन की जेल से रिहाई का रास्ता साफ हो गया था। इसके बाद 27 अप्रैल को आनंद मोहन को सहरसा जेल से रिहा कर दिया गया। आनंद मोहन की रिहाई पर विपक्षी पार्टियां भी खुलकर सामने नहीं आईं। नियमों में बदलाव को लेकर पटना हाईकोर्ट में भी जनहित याचिका दायर हुई थी।

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