फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar News : 11 हजार 786 रुपये के बांड पर 17 साल की नाबालिग का निकाह हो गया, शौहर के घर से की गई बरामद

Thu, 06 Jul 2023 01:32 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीतामढ़ी

सार

Bihar Police : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में दहेज उन्मूलन और बाल विवाह रोकने का अभियान छेड़ रखा है, लेकिन यहां दोनों कानूनों धज्जियां उड़ाए जाने के बाद पुलिस ने 17 साल की लड़की को निकाह के बाद शौहर के घर से बरामद किया।
विज्ञापन
निकाह - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मामला सीतामढ़ी जिला के बेला थाना क्षेत्र के मनपोर पंचायत की है जहां एक गांव में 17 वर्ष की नाबालिग का जबरन निकाह कराया गया।कम उम्र में निकाह कराने की सूचना मिलने पर बचपन बचाओ आंदोलन (BBA)के सहायक प्रोजेक्ट ऑफिसर मुकुंद कुमार चौधरी ने डीपीओ आईसीडीएस एवं पुलिस उपाधीक्षक सह नोडल विशेष किशोर पुलिस इकाई राकेश कुमार रंजन को दी। सूचना मिलने पर एसडीओ सह बाल विवाह निषेध अधिकारी सदर प्रशांत कुमार ने गांव में बाल विवाह रूकवाने के लिए अंचलाधिकारी परिहार प्रभात कुमार, बेला थानाध्यक्ष चन्द्र भूषण सिंह, बचपन बचाओ आंदोलन के प्रतिनिधि मुकंद कुमार चौधरी एवं बेला थाना की पुलिस को मौके पर भेजा। हालांकि जबतक पुलिस पहुंची, तबतक निकाह संपन्न हो चुका था।

विज्ञापन


लड़का पक्ष फरार 
पुलिस के आने की भनक लगते ही लड़के वाले फरार हो गए। स्थानीय लोगों ने बताया कि मुस्लिम समुदाय के रिवाज के अनुसार बच्ची की शादी 11,786 रूपए का मोहर देन एवं बंध पत्र बनवाकर करवा दी गई थी। हालांकि, पुलिस प्रशासन इस शादी को अवैध करार दिया है और ऐसा करने वाले के विरुद्ध कारवाई की गई।

जबरन कराया जा रहा था निकाह 
बचपन बचाव के कार्यकर्ताओं को लड़की की मां ने बताया कि उसकी नाबालिग बेटी की शादी जबरन कराई जा रही थी। पुलिस लड़का के घर पहुंचकर नाबालिक बच्ची को वहां से मुक्त करवाया। गुरूवार को नाबालिग को  164 का बयान के लिए कोर्ट लाया गया।
विज्ञापन


दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज 
थानाध्यक्ष ने बताया कि परिहार सीओ के आवेदन पर स्थानीय थाना में दोषियों के विरूद्ध FIR दर्ज़ करवाया गया है । बचपन बचाओ आंदोलन  के निदेशक मनीष शर्मा ने बताया कि नाबालिगों के साथ जबरन विवाह जैसे अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिस प्रशासन के इस तरह के समन्वित प्रयासों से निश्चित रूप से ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। बाल विवाह के खिलाफ कानून में सख्ती से अमल करने की जरूरत है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें