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Bihar News : बोरवेल से 8 घंटे बाद निकला 4 साल का शिवम; गोद में लेकर उछल पड़ी NDRF टीम

Sun, 23 Jul 2023 05:41 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नालंदा

सार

Bihar : नालंदा में चार साल के शिवम को  NDRF टीम ने 8 घंटा कड़ी मशक्कत के बाद करीब 150 फीट बोरवेल से सुरक्षित निकाल लिया है। फिलहाल उसे अस्पताल भेजा गया है। बोरवेल से निकालते ही NDRF की टीम खुशी से उछल पड़ी।
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आठ घंटे की मेहनत के बाद चार साल का बच्चा आखिर बोरवेल से जिंदा निकाला गया। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पुल में फंसे बच्चे को नहीं बचाया जा सका था, लेकिन बोरवेल से फंसे शिवम को जिंदा बाहर निकाल लिया गया। लगभग आठ घंटे उसने 150 फीट गहरे बोरवेल में बिताया। करीब सात घंटे से उसे बचाने का प्रयास किया जा रहा था। दोपहर बाद डेढ़ बजे नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (NDRF) की टीम पहुंची और साढ़े पांच बजे जैसे ही कीचड़ से सना शिवम गोद में आया तो परिवार वालों से पहले आपदा के यह सिपाही खुशी से उछल पड़े। यह घटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिला नालंदा की है। रविवार की सुबह 9 से साढ़े 9 बजे के बीच चार साल का शिवम 150 फीट बोरवेल में गिर गया था। सिलाव प्रखंड में नालंदा थाना क्षेत्र के कुल भदारी गांव में घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने अपने स्तर से रेस्क्यू शुरू कर दिया था। सिलाव के सीओ और नालंदा थानाध्यक्ष घटनास्थल पर पहुंचकर बचाव में लगे। फिर पटना से आपदा प्रबंधन के एक्सपर्ट बुलाए गए थे।

 

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शिवम को बचाने के लिए बोरवेल में ऑक्सीजन पहुंचाया जाता रहा। - फोटो : अमर उजाला
बोरवेल में ऑक्सीजन सप्लाई दी, बगल में खुदाई शुरू
इससे पहले, घटना की सूचना फैलने के करीब एक घंटे बाद साढ़े दस बजे बोरवेल में मेडिकल सिलेंडर के पाइप से ऑक्सीजन देना शुरू किया गया था। चुहन सिंह की खेत में यह बोरवेल फेल हो जाने के बाद मजदूरों ने उसे तार के पत्ते से ढंक दिया था। डोमन मांझी का चार साल का बेटा शिवम कुमार अपनी मां के पीछे-पीछे खेत की ओर आ गया था। मां को पता नहीं चला और बच्चा पत्ते के पास खेलने के चक्कर में बोरवेल में जा गिरा। उसके रोने की आवाज सुन भीड़ जुटी तो बोरवेल तक लोग पहुंचे। इसके बाद गांव वालों ने अपने स्तर से खुदाई शुरू कर दी। करीब साढ़े 10 बजे से दो जेसीबी की मदद से बगल में खुदाई कर बच्चे को सुरक्षित निकालने का प्रयास किया जा रहा था। पौने 11 बजे के करीब घटनास्थल पर जिला आपदा शाखा प्रभारी कृष्ण कुमार उपाध्याय भी पहुंच गए। पटना से एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की टीम को भी बुलाया गया।

घटने लगी थी उम्मीद, वजह जानकर सहम गए थे सब
डीएम शशांक शुभंकर ने करीब पौने पांच बजे बताया कि फिलहाल 5 से 6 घंटे का समय और लग सकता है। 30 से 35 फीट बोरवेल के बगल में गड्ढा खोदा गया है। बच्चा रुक-रुक कर रिस्पांस कर रहा है। इसके कारण बहुत कुछ कहा नहीं जा सकता है। खाने-पीने के लिए उसे सामग्री भी दी गई, लेकिन कीचड़ में सने होने के कारण वह समझ नहीं पा रहा था। पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान बोरवेल में कैमरा डालकर उसकी निगरानी की जा रही थी। ऑक्सीजन सप्लाई भी लगातार दी जाती रही। बगल में खोदे गए गड्ढे का काम अंधेरा होने से पहले निपटाने के प्रयास में तेजी से किया गया, जिसका फायदा मिला कि साढ़े पांच बजते-बजते शिवम आपदा प्रबंधन की टीम के हाथ आ गया। डीएम ने कहा कि यह बोरिंग खुला छोड़ने वाले पर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल बच्चे को अस्पताल भेज दिया गया है।

रविवार के कारण जाम नहीं मिला, इसलिए भी राहत
रविवार होने के कारण सड़कों पर राहत थी, इसलिए पटना से घटनास्थल में आपदा प्रबंधन की विशेष टीम बहुत तेजी से चली और करीब ढाई घंटे में वहां पहुंच गई। बोरवेल के आसपास गैर-विशेषज्ञता वाले लोग फिलहाल अपनी हिम्मत दिखाते हुए जान बचाने के लिए खुदाई में लगे रहे। NDRF टीम के वहां पहुंचने के बाद विशेषज्ञों की टीम भी राहत कार्य में जुट गई। करीब 8 घंटे की मशक्कत के बाद बच्चे को सकुशल बाहर निकाल लिया गया। फिर लोगों ने चैन की सांस ली।
 
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