चंद्रयान 3 सफल लैडिंग की दुआ करते वैज्ञानिक अमिताभ के परिजन।
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ऑपरेशन डायरेक्टर की भूमिका निभा रहे समस्तीपुर के अमिताभ
भारत के अंतरिक्ष मिशन अभियान चंद्रयान तीन की सफल लॉन्चिंग कराने वाले बिहार के होनहारों ने वैज्ञानिको में से एक अमिताभ समस्तीपुर के कुबौलीराम गांव के रहने वाले हैं। अमिताभ ने चंद्रयान 3 की लॉन्चिंग में डिप्टी प्रोजेक्ट डायरेक्टर और ऑपरेशन डायरेक्टर की भूमिका निभाई। अमिताभ की इस भूमिका से गांव के लोगों में तो खुशी है कि देश स्तर पर भी अमिताभ की चर्चा हो रही है। अमिताभ चंद्रयान एक और दो के भी हिस्सा रहे हैं। गांव में पले बढे अमिताभ गांव के सरकारी विद्यालय से प्राइमरी, मिड्ल व हाई स्कूल की शिक्षा प्राप्त की। अमिताभ के पिता सेवानिवृत हेडमास्ट हैं। 87 वर्षीय राम चंद्र प्रसाद सिंह 84 वर्षीय पत्नी शैल्य देवी के साथ अकेले ही गांव में रहते हैं। माता-पिता अपने पुत्र की कामयाबी पर फुले नहीं समा रहे हैं।
नेटवर्क सिक्योरिटी हैंडल कर रहे सीतामढ़ी के रवि
सीतामढ़ी जिले के पुपरी गांव निवासी रवि कुमार की प्रारंभिक शिक्षा सीतामढ़ी से हुई है। उन्होंने 2005 में दसवीं और 2007 में बारहवीं पास की। वह सीतामढ़ी के जवाहर नवोदय विद्यालय के छात्र रहे हैं। चंद्रयान 3 की लॉन्चिंग में रवि नेटवर्क सिक्योरिटी हैंडल कर रहे थे। इससे पहले वह चंद्रयान 2 के प्रक्षेपण में भी शामिल रहे थे। रिटायर्ड बैंक कर्मी अरुण कुमार चौधरी और मधुबाला चौधरी के पुत्र रवि कुमार वर्ष 2012 में भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईएसटी) त्रिवेंदरम से एवियोनिक्स में बीटेक पास कर इसरो से जुड़े।
बेतिया के लालमणि और सारण रजत सिंह ने निभाई अहम भूमिका
इनके अलावा बेतिया के लालमणि और सारण के सिताबादियारा इलाके के रजत सिंह ने भी चंद्रयान 3 की सफलता में अहम भूमिका निभाई। लालमणि चंद्रयान 3 के डिजाइन और टाइमिंग की एनालिसिस टीम के सदस्य बने। लालमणि इसरो की हनीकॉमम्ब स्ट्रक्चर के हेड हैं। वहीं राजत सिंह चंद्रयान 3 को पृथ्वी की कक्षा में पहुंचाने वाले रॉकेट की कंट्रोलिंग टीम के सदस्य हैं। रजत 6 माह पहले ही इसरो से जुड़े हैं।