एसएचओ की मौत के बाद शोक में डूबे पत्नी और बेटा
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बयान के मुताबिक, इस दौरान थानाध्यक्ष उजियारपुर थाने के सहबाजपुर में करीब तड़के 2.50 बजे पहुंचे। जहां हुनमान मंदिर के पास तीन संदिग्धों को देखा। वहां पर ट्रक और पिकअप लगे थे। तीनों बदमाश को पकड़ने को कहा गया। लेकिन अचानक 10-12 और बदमाश आ गए। ओपी अध्यक्ष ने एक को पकड़ लिया। पकड़ा गया बदमाश अपने सहयोगी से मदद मांग रहा था। इस दौरान बदमाशों ने लाठी-डंडे से पुलिस पर हमला भी किया। लेकिन वह थानाध्यक्ष की पकड़ से छूट नहीं रहा था। इसी दौरान एक बदमाश ने उनपर नजदीक से गोली चला दी, जिससे वह जमीन पर गिर पड़े। उसके बाद कुछ बदमाश ट्रक से फरार हो गए, जबकि कुछ पैदल ही इधर-उधर भाग गए।
घायल एसएचओ की अस्पताल में इलाज के दौरान हुई मौत
इस घटना के बाद तत्काल एसएचओ नंद किशोर यादव को इलाज के लिए दलसिंहसराय अनुमंडलीय अस्पताल ले जाया गया। जहां से उन्हें बेगूसराय ले जाया गया। फिर उन्हें आईजीएमएस लाया गया था। जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
अब सवाल उठ रहा है कि जब रात के 11:15 बजे मोहनुपर एसएचओ ने पशु तस्करों के बारे में दलसिंहसराय और हलई पुलिस को सूचना दे दी थी। उसके बावजूद पुलिस तड़के 2:50 बजे तक लोकेशन पर क्यों नहीं पहुंची। यहां पर पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आने की बात कही जा रही है। माना जा रहा है कि दोनों थानों की पुलिस भी समय पर आ गई होती तो एसएचओ की जान बचाई जा सकती थी।
एसपी विनय तिवारी ने कहा कि मामले में दो नामजद समेत 12 से 15 अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। इस कांड के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसआईटी काम कर रही है। जल्द ही सभी बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। एसआईटी को दस दिनों का टार्गेट दिया गया है। तीनों एसआईटी अलग-अलग काम कर रही है।