पांच लाख रुपए के इनामी नक्सली रामबाबू राम के गिरफ्तारी के चार माह बाद NIA की टीम शुक्रवार को मधुबन थाना क्षेत्र के कौरिया नक्सली रामबाबू के घर पांच बजे सुबह पहुंची। एनआईए की दो अलग अलग टीम रामबाबू और श्यामबाबू के घर पर एक घंटे तक सघन छापेमारी की। छापेमारी के दौरान उसके घर से आधार कार्ड, पेन कार्ड, पासबुक और एक मोबाइल जप्त की गई।
घर की तलाशी लेने आई थी एनआईए की टीम
पटना से आई एनआईए की टीम मधुबन थाना क्षेत्र के कौड़िया गांव स्थित रामबाबू और उसके भाई श्यामबाबू राम के घर पर तलाशी लेने पहुंची थी। यहां उसके भाई संजय राम और उसके पिता नारायण राम मौजूद भी थे। NIA की टीम ने जब घरवालों से श्यामबाबू राम के बारे में पूछताछ किया तो उनलोगों ने बताया कि वह अभी दिल्ली में है।
क्या है मामला
4 मई को उत्तर बिहार पश्चिम जोनल कमिटी के सचिव और पांच लाख के इनामी नक्सली कमांडर रामबाबू राम उर्फ राजन, उर्फ प्रहार उर्फ निखिल को AK 47 के साथ गिरफ्तार किया गया था। इस गिरफ्तारी में उसका एक सहयोगी दीपक राम भी था। तब से वह नक्सली जेल में है। उसकी गिरफ्तारी के चार माह बाद अब एक बार फिर एनआईए की टीम अहले सुबह मोतिहारी पहुंची। यहां पहुंचकर NIA की टीम ने मोतिहारी एसपी कांतेश मिश्रा से संपर्क किया और फिर मधुबन और राजेपुर थाना के पुलिस बल को लेकर कौरीया पहुंची। वहां दो अलग अलग टीम रामबाबू राम और श्यामबाबू राम के घर सघन छापेमारी की। जहा से नक्सली से जुड़े कोई कागजात नहीं मिला, छापेमारी टीम का नेतृत्व एनआईए के डीएसपी राठौर, इंस्पेक्टर के के सिन्हा छापेमारी टीम का नेतृत्व कर रहे थे।
क्या कहते है एसपी
एसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने छापेमारी के संबंध में बताया कि एनआईए की टीम सुबह में आई थी। उनके द्वारा की गई कार्रवाई में उनका सहयोग करने के लिए पकड़ीदयाल डीएसपी सुनील कुमार सिंह के नेतृत्व में मधुबन और राजेपुर थाना की पुलिस ने छापेमारी में सहयोग किया।