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BPSC Teacher: बीपीएससी शिक्षक भर्ती परीक्षा ले रहा, शिक्षा विभाग इस्तीफा समेट रहा; बिहार से ताजा इस्तीफे देखें

Fri, 15 Dec 2023 10:54 AM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना/ दरभंगा/ गोपालगंज

सार

Bihar News : बिहार लोक सेवा आयोग इधर शिक्षक भर्ती परीक्षा 2.0 ले रहा है और उधर पहली परीक्षा में सफलता के बाद नियुक्त हुए शिक्षकों का इस्तीफा लगातार जारी है। दूसरे राज्यों से आकर ज्वाइन करने के महीनाभर के अंदर इस्तीफा देने वालों की परेशानी कौन समझेगा?
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सीएम नीतीश कुमार और सीनियर IAS केके पाठक। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बात अभी तक बिहार में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक तक है, लेकिन अब शायद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी दखल दें। लेकिन, विकल्प क्या होगा? पाठक जबरदस्ती ठहरने कह रहे और रोज शिक्षकों के लिए कुछ-न-कुछ नया आदेश जारी कर रहे हैं तो दूसरी ओर इन्हीं आदेशों से तंग आकर शिक्षक इस्तीफा दे रहे हैं। एक महीना भी ठीक से नौकरी किए बगैर इस्तीफा देने वालों में वही ज्यादा हैं, जिनकी नियुक्ति पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुशी से फूले नहीं समा रहे थे। करीब 14 हजार शिक्षकों ने 14 राज्यों से आकर बिहार में ज्वाइन किया था और अब लगातार इनके इस्तीफे आ रहे हैं। 

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दरभंगा में इस्तीफों की झड़ी
दरभंगा, जिले में बीपीएससी द्वारा नव नियुक्त शिक्षकों का नियुक्त होते इस्तीफा देने का शिलशिला भी लगातार जारी है। जिले के विभिन्न प्रखंडों में तैनात करीब चार शिक्षकों ने विभिन्न कारणों को अपने आवेदन में दर्शाते हुए अपना इस्तीफा अपने अपने प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को सौंप दिया है। दिल्ली के किराड़ी सुलेमान नगर निवासी यमुना प्रसाद की पुत्री सरिता कुमारी जो केवटी प्रखंड के मध्य विद्यालय कोयलस्थान में शिक्षिका थीं। इन्होंने अपने आवेदन में कहा कि उन्हें केंद्रीय विद्यालय में अध्यापक के पद पर चयन हो गया है जिस कारण उन्होंने अपने प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। बीपीएससी द्वारा चयनित शिक्षकों द्वारा दिए जा रहे इस्तीफे पर जिला शिक्षा पदाधिकारी समर बहादुर सिंह ने कहा कि बीपीएससी द्वारा चयनित शिक्षक विभिन्न कारणों से अपना इस्तीफा दे रहे है। विभिन्न प्रखंडो से भी शिक्षकों के लगातार इस्तीफा देने की सूचना मिल रही है। सभी प्रखंडो के सम्बंधित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को निर्देशित किया गया है। शिक्षकों द्वारा दिये गए त्याग पत्र शीघ्र जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराया जाय ताकि मुख्यालय इससे अवगत कराया जा सके।

किसी को दूसरी नौकरी मिली, तो किसी का घर दूर
वहीं उत्तर प्रदेश के पीलीभीत निवासी संजेश कुमार की पुत्री आकांशा कुमारी का पदस्थापन दरभंगा के किरतपुर प्रखंड के रघुनाथपुर उच्च मध्य विद्यालय में हुआ था। इन्होंने अपने BEO को आवेदन में दिए इस्तीफे का कारण मां का बीमार होना बताया है। इनकी मां का देखभाल करने वाला घर मे कोई नहीं है। उन्होंने लिखा है घर इतनी दूर सुदूर इलाके में नौकरी करने से बेहतर मां की सेवा करना अच्छा है। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर के रहने वाले हरि नारायण यादव की पुत्री शिक्षिका स्वाति यादव सदर प्रखंड के छोटाइपट्टी में हुआ था। उन्होंने अपने इस्तीफा देने का कारण केंद्रीय विद्यालय में शिक्षक पद पर चयन होने के कारण त्याग-पत्र देने की बात कही है। उन्होंने आगे आवेदन में लिखा है कि उनके दो बच्चे हैं। उनके दोनों बच्चे नर्सरी वर्ग में पढ़ते हैं। इस कारण वह इतनी दूर नौकरी नहीं कर सकती है। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिला के कृष्ण धमन की पुत्री कृतिका ने बहेड़ी प्रखंड के मध्य विद्यालय सीरूआ से इस्तीफा दे दिया है। इन्होंने अपने द्वारा दिये इस्तीफे वाले आवेदन में लिखा है कि बिहार सरकार में शिक्षक पद पर नौकरी करने से अच्छा केंद्रीय विद्यालय में शिक्षक की नौकरी करना। उन्होंने कहा है कि केंद्रीय विद्यालय में बिहार सरकार से ज्यादा पे स्केल और मिलने छुट्टियां भी ज्यादा है। 
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दूसरे राज्य तो छोड़िए जिले वासी भी छोड़ रहे नौकरी
बाहरी राज्य वालों की बात को छोड़िए अब तो दरभंगा जिला के रहने वाले शिक्षक भी सुदूर इलाको में हुई पोस्टिंग से परेशान होकर शिक्षक की नौकरी छोड़ने लगे हैं। अललपट्टी मुहल्ला निवासी जगदीश नारायण की पुत्री राधा नारायण बेनीपुर अनुमंडल के प्लस टू महिनाम विद्यालय में शिक्षिका बनी थीं।  इन्होंने भी शिक्षक पद से इस्तीफा दे दिया है। डीइओ कार्यालय में दिये त्याग-पत्र में राधा ने कहा है कि घर से स्कूल की दूरी करीब 35 किलोमीटर है। उनके दो बच्चे है। जिन्हें घर में देखभाल करने वाला घर पर कोई नहीं है। दोनों बच्चे नर्सरी वर्ग में पढ़ते हैं। घर से  इतनी दूर जाकर नौकरी करने की वजह से बच्चों पर प्रभाव पड़ रहा है। राधा का कहना है कि या तो घर के नजदीक के किसी विद्यालय में स्थानांतरित कर दिया जाए या त्याग-पत्र स्वीकार कर लिया जाए।  यही स्थिति दरभंगा के लहेरियासराय थाना क्षेत्र के राय साहब पोखर नवटोलिया निवासी कुशेस्वर आजाद के पुत्र अविनाश कुमार का है जिनका शिक्षक के पद पर सिंघवारा प्रखंड के उच्च माध्यमिक विद्यालय मनीकौली में हुआ था। इन्होंने अपने इस्तीफा के लिए दिए आवेदन में कहा है कि उन्हें झारखंड के न्यायालय में सहायक के पद नौकरी होने की बात कही है। इस कारण वे अपना इस्तीफा दे रहे है। वही खराजपुर थाना क्षेत्र के लक्ष्मी कुमार कर्ण के पुत्र कुमार गौतम तारडीह प्रखंड के मध्य विद्यालय बैंका से अपना इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने दिए आवेदन में कहा है कि केंद्रीय विद्यालय में चयन होने के कारण इस्तीफा दे रहा हूँ। 

गोपालगंज में 150 शिक्षकों को अभी योगदान करना बाकी रह गया है
गोपालगंज में नौ शिक्षकों ने इस्तीफा दे दिया है। सभी महिला शिक्षिका बतायी जा रही है। इन महिला शिक्षिकाओं ने बीपीएससी शिक्षक भर्ती परीक्षा पास कर स्कूल में योगदान भी दे दिया था। हालांकि शिक्षा विभाग की ओर से बताया जा रहा है की इन महिलाओं में कई उत्तर प्रदेश की रहनेवाली हैं, जिनका केंदीय विद्यालय में शिक्षिका के तौर पर चयन हो चुका है। इसके बाद महिला शिक्षिका ने इस्तीफा देने का फैसला किया है। इस्तीफा देने वालो में शिवानी तिवारी, शिखा दूबे, निष्ठा सिंह, दीप शिखा, निवेदिता सिंह, माधुरी मद्देशिया, सोनी यादव, पूजा गुप्ता और उमा देवी शामिल हैं।  जिला शिक्षा कार्यक्रम पदाधिकारी, स्थापना मो. जमालुद्दीन ने बताया कि जिले में कुल 2422 टीचरों के पद आवंटित हैं, जिसमें बीपीएससी ने योगदान देने के लिए शिक्षकों को नियुक्ति पत्र दिया है। लेकिन, अबतक जिले में 2260 शिक्षक ही योगदान कर पाए हैं। जबकि 150 शिक्षकों को अभी योगदान करना बाकी रह गया है। इस बीच शिक्षिकाओं के इस्तीफे के बाद यहाँ खाली पदों की संख्या बढ़ गयी है।

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