प्रशांत किशोर ने गंगा नदी में लगाई डुबकी।
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पटना हाईकोर्ट में एक घंटे चली सुनवाई
बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा ली गई 70वीं पीटी परीक्षा को रद्द कराने की मांग पर पटना हाईकोर्ट में आज सुनवाई हुई। कोर्ट में करीब एक घंटे बहस चली। इस दौरान बिहार सरकार के वकील पीके शाही और जनसुराज की ओर से वकील वाईवी गिरी ने कोर्ट में अपना-अपना पक्ष रखा। जस्टिस अरविंद सिंह चंदेल की खंडपीठ में इस मामले में सुनवाई हुई। बताया जा रहा है कि कोर्ट ने इस मामले में फैसला लिखवा दिया है, लेकिन उसे कोर्ट में नहीं बताया गया है। हाईकोर्ट की वेबसाइट पर फैसला को अपलोड करने की बात कही गई है। बता दें कि यह याचिका प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज की ओर से दायर की गई थी। जनसुराज के वकील प्रणव कुमार ने आर्टिकल 226 के तहत के तहत अपील की है कि जब तक दुबारा परीक्षा न हो जाए, तब तक 70वीं पीटी का परिणाम जारी नहीं किया जाए। वरीष्ठ वकील वाईवी गिरि खुद इस मामले को देख रहे हैं। जनुसराज की मांग है कि बीपीएससी 70वीं पीटी परीक्षा को रद्द कर दुबारा से परीक्षा ली जाए।
सुप्रीम कोर्ट में दायर हुई थी याचिका, लेकिन...
बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा 13 दिसंबर को ली गई 70वीं प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने के मामले में
सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी। कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया और याचिकाकर्ता को हाईकोर्ट जाने का आदेश दिया। सात जनवरी दोपहर चीफ जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने इस मामले में सुनवाई करने से ही इनकार कर दिया। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया था कि देश ने देखा है कि पटना पुलिस ने किस तरह से प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया। इसके बाद कोर्ट ने कहा कि आपकी भावनाओं को हम समझते हैं। आप संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत पटना उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएं। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि यह पटना हाईकोर्ट का मामला है। आप वहीं जाएं।