परीक्षा कक्ष के अंदर और बाहर का दृश्य।
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
पटना जिला प्रशासन ने परीक्षा के दौरान हंगामा करने वाले अभ्यर्थियों पर हत्या का आरोप लगाने की सिफारिश की है। जिला प्रशासन का कहना है कि कुछ अभ्यर्थियों ने बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) के द्वारा आयोजित परीक्षा में बाधा डालने की कोशिश की थी, जिसके दौरान ड्यूटी पर तैनात एक अधिकारी की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी। इसलिए उनपर हत्या का मुकदमा चलाया जाय। डिप्टी कलेक्टर-रैंक के एक अधिकारी ने इस पूरे मामले की जांच की, जिसके बाद उन्होंने रिपोर्ट दिया। इस रिपोर्ट में यह कहा गया कि "परीक्षार्थियों के रूप में असामाजिक तत्व जिस प्रकार से परीक्षा में व्यवधान पैदा करने की कोशिश की, ताकि परीक्षा रद्द हो जाय"।
आरोपियों पर होगी कार्रवाई, आयोग भी करेगी
पटना के डीएम डॉ चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि प्रश्न पत्र पुस्तिकाओं के देर से वितरण के बहाने, कुछ उम्मीदवारों ने परीक्षा रद्द करने की साजिश की। उन्होंने कहा कि अफवाह फैलाकर परीक्षा को बाधित करने का उनका इरादा था। हंगामा करने वाले अभ्यर्थियों की पहचान की जायेगी। अगर वह परीक्षार्थी निकलते हैं, तो जिला प्रशासन आयोग से उन्हें बीपीएससी परीक्षा में बैठने से रोकने की अनुशंसा करेगा। उन्होंने कहा कि उन आरोपियों को चिन्हित कर जेल भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मामले में जिला पुलिस ने दो प्राथमिकी दर्ज किये हैं।