बीपीएससी अभ्यर्थियों का प्रदर्शन 11 दिनों से जारी है। वह बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा ली गई 70वीं प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। इधर, पटना जिला प्रशासन की ओर से अभ्यर्थियों से बातचीत की गई है। पटना जिला प्रशासन की ओर से कहा गया कि 13 दिसंबर को आयोजित बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) परीक्षा रद्द करने की मांग करने वाले उम्मीदवारों को एक बैठक की सुविधा देने के लिए एक प्रस्ताव दिया था ताकि वे अपनी शिकायतें रख सकें। पटना डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि प्रदर्शनकारियों को बातचीत के लिए अपने पांच प्रतिनिधियों को नामित करना होगा। यह प्रतिनिधि आयोग के अधिकारियों को अपनी शिकायतों से अवगत करा सकते हैं। जिला प्रशासन भी विरोध करने वाले उम्मीदवारों को आश्वासन देता है कि आयोग उचित समय के भीतर उचित निर्णय लेगा।
हमलोगों को केवल सीएम नीतीश से ही उम्मीद
इधर, प्रदर्शन कर रहे बीपीएससी अभ्यर्थी सीएम नीतीश कुमार से मिलने की मांग पर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि हमलोग जिस संस्था पर आरोप लगा रहे हैं, उसके ही अधिकारी से मिलकर क्या करेंगे।? हमलोगों को केवल बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उम्मीद है। अब उनसे ही मुलाकात कर हमलोग अपनी बात रखेंगे।
सदर एसडीएम बोले- बीपीएससी सचिव से मिलाने को तैयार
इससे पहले पटना सदर एसडीएम गौरव कुमार ने करीब आधे घंटे कैंडिडेट्स को समझाने की कोशिश की, लेकिन वो नहीं माने। इसके बाद अधिकारी धरना स्थल से निकल गए। सदर एसडीएम ने कहा कि अभ्यर्थियों को समय दिया गया है। उन्हें पांच प्रतिनिधि को बातचीत करने के लिए कहा गया है लेकिन वह नहीं मान रहे हैं। बीपीएससी सचिव से मिलाने के लिए जिला प्रशासन तैयार है। अब अभ्यर्थियों पर निर्भर करता है कि वह क्या करेंगे।
प्रशांत किशोर धरनास्थल पहुंचे, कही यह बातें
वहीं जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर शनिवार दोपहर धरने में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि रविवार को गांधी मूर्ति के नीचे छात्रों के भविष्य की चिंता करने वाले लोग बैठेंगे। एक साथ छात्र संसद में आगे की योजना तय की जाएगी। दोपहर 12 बजे से इसका आयोजन होगा। पीके ने यह भी कहा कि अब यह केवल बीपीएससी के अभ्यर्थियों का मामला नहीं है। बिहार में ऐसी कोई परीक्षा नहीं है जो बिना किसी अनियमितता के या पेपर लीक के हो जाए। इन सब से अभ्यर्थियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है।