बिहार लोक सेवा आयोग ने मंगलवार को बताया कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग में 218 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए पिछले साल जारी विज्ञापनों के जवाब में एक भी आवेदन प्राप्त नहीं हुआ।
बीपीएससी ने एक बयान में बताया कि विभाग की ओर से विभिन्न राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों में विभागाध्यक्ष समेत अन्य शिक्षकों की नियुक्ति की जानी थी। इन पदों पर आवेदन नहीं मिलने के बाद आयोग ने संबंधित अधियाचन विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, बिहार को वापस कर दिया है।
बीपीएससी ने अपने 'महत्वपूर्ण सूचना' नोटिस में कहा कि आयोग ने 26 अगस्त 2025 को विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अधीन राजकीय पॉलिटेक्निक और राजकीय महिला पॉलिटेक्निक संस्थानों में विभिन्न विभागों/विषयों में विभागाध्यक्ष के कुल 218 रिक्त पदों पर नियमित नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किए थे।
इन विज्ञापनों में से नौ के लिए एक भी आवेदन प्राप्त नहीं हुआ था। इसके बाद आयोग ने संबंधित विज्ञापनों के लिए दोबारा ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए। हालांकि, दोबारा आवेदन मांगे जाने के बाद भी इन सभी विज्ञापनों के तहत प्राप्त आवेदनों की संख्या शून्य ही रही।
आयोग ने कहा कि इन विज्ञापनों के संबंध में उसके स्तर पर आगे कोई कार्रवाई अपेक्षित नहीं थी। इसलिए संबंधित अधियाचन विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, बिहार को वापस कर दिए गए हैं।
16 विषयों में जारी हुआ था भर्ती विज्ञापन
218 विभागाध्यक्ष पदों के लिए 16 विषयों में विज्ञापन जारी किए गए थे। इनमें मैकेनिकल इंजीनियरिंग के 33, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के 43, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के 42, सिविल इंजीनियरिंग के 45 और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग के 39 पद शामिल थे।
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विभाग ने कहा- आगे की कार्रवाई पर करेंगे विचार
इस घटनाक्रम पर विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अपर सचिव अहमद महमूद ने PTI से कहा, "इस संबंध में बीपीएससी से विभाग को सूचना मिली है। हम इसकी जांच करेंगे और इसके बाद आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।"