भाजपा के एमएलसी टुन्ना पांडेय को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर बयान देना भारी पड़ गया। पार्टी ने निलंबित कर दिया है। पार्टी की अनुशासन समिति ने गुरुवार को बयान देने को लेकर नोटिस जारी किया था। एमएसली टुन्ना पांडे को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर विवादास्पद टिप्पणी को लेकर पार्टी की अनुशासन समिति ने नोटिस जारी किया था।
भाजाप एमएलसी के बयान से नाराज जेडीयू एमएलसी उपेंद्र कुशवाहा ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल से शिकायत की थी। कुशवाहा ने ट्वीट कर कहा था कि यह बयान आप तक भी पहुंच ही रहा होगा संजय जायसवाल जी। ऐसा बयान अगर किसी जद(यू) के नेता ने भाजपा या उसके किसी नेता के बारे में दिया होता तो......अबतक.........!
एमएलसी टुन्ना पांडे ने दिया था ये बयान
दरअसल, पिछले दिनों एमएलसी टुन्ना पांडे ने कहा था, " अभी सिक्किम से एक कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति का शव बिहार लाया जा सकता है तो 4 बार सांसद और 2 बार विधायक रहे शहाबुदीन का शव दिल्ली से बिहार क्यों नहीं लाया जा सकता था। शहाबुद्दीन के साथ नीतीश कुमार ने गलत किया और इसका उन्हें पाप लगेगा। " बीजेपी एमएलसी टुन्ना पांडे ने कहा था कि मोहम्मद शहाबुद्दीन को सच बोलने की सजा मिली। उन्होंने कहा था नीतीश कुमार परिस्थितियों के मुख्यमंत्री हैं। यही सच बोलने की उन्हें सजा मिली। टुन्ना पांडे ने नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि मैंने जो कहा सच ही कहा, इस बार के हुए विधानसभा चुनाव में भी जनता ने अपना मत तेजस्वी यादव को दिया था, लेकिन सरकारी तंत्र का दुरुपयोग करके नीतीश जी आज सत्ता में राज कर रहे हैं।
विधायक के बयान के बाद आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू
टुन्ना पांडे के बयान के बाद गठबंधन में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। भाजपा और जदयू के बीच तल्खी बढ़ गई। जदयू नेता और एमएलसी उपेंद्र कुशवाहा ने तीखा हमला बोला था। उसके बाद भाजपा ने टुन्ना पांडे के खिलाफ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगी थी।