पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी
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2019 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने 17 सीटों पर अपने प्रत्याशी दिए थे। सारे जीते थे। जनता दल यूनाईटेड को 17 सीटें दी थी। इनमें से 16 पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन प्रत्याशी के रूप में जदयू उम्मीदवारों की जीत हुई थी। लोक जनशक्ति पार्टी ने भी अपने हिस्से की सात में से सातों सीटें जीती थीं। इस बार जदयू भाजपा से अलग है तो घर वापसी करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी हिन्दुस्तानी आवामी मोर्चा, उपेंद्र कुशवाहा की नई पार्टी राष्ट्रीय लोक जनता दल भी हिस्सेदार बनने की तैयारी में है। कुछ और दल उधेड़बुन में हैं। जिनकी तस्वीर इस महीने में साफ होने की उम्मीद है। एनडीए में सीट शेयरिंग को लेकर घमासान सिर्फ लोजपा के ही दो टुकड़ों के बीच अबतक सामने आया है। आगे क्या होगा और भाजपा के ब्लू प्रिंट पर कैसे सहमति बनेगी, यह फैसला दशहरे के बाद होगा। मांझी ने मंगलवार को दिल्ली रवाना होने से पहले बताया कि सीट शेयरिंग पर बात हुई है, दशहरा के बाद बैठक कर फाइनल किया जाएगा।
क्यों निकले जीतन राम मांझी दिल्ली, खुद यह बताया
जीतनराम मांझी ने दिल्ली जाने को लेकर कहा कि इस बार मैं किसी राजनीतिक कार्य से नहीं बल्कि अपने निजी कार्य से जा रहा हूं। उन्होंने कहा कि आज मैं
विशुद्ध रूप में अपने व्यक्तिगत काम से जा रहा हूं। उन्होंने कहा कि मेरी आंख का ऑपरेशन होना है। कल मुझे एम्स में भर्ती होना है, इसके बाद 12 अक्टूबर को मेरे आंख का ऑपरेशन होगा। 13 अक्टूबर को शायद हम निकल पाएंगे। जीतनराम मांझी ने कहा कि मेरे साथ मेरी बेटी भी जा रही है, उसे खांसी हो रही है। यहां कई डॉक्टर को दिखाए इसके बावजूद बहुत तरह की बातें हो रही है. इसलिए मेरी बेटी मेरे साथ जा रही है। इस बार हम दिल्ली कोई राजनीतिक काम से नहीं जा रहे हैं, स्वास्थ्य के कारण जा रहे हैं।
राजनीति और सीटों को लेकर क्या कहा, यह जानें
जब जीतनराम मांझी से पूछा गया कि राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि अब आप राज्यपाल बनना चाहते हैं इसलिए दिल्ली जा रहे हैं,इसके जवाब में उन्होंने कहा कि वह पहले भी कई बार राजनीतिक कारणों से दिल्ली जाता रहा हूं। इस दौरान भाजपा के बड़े बड़े नेताओं से मिलता रहा हूं, लेकिन इस बार मेरा दिल्ली जाना राजनीतिक कारण नहीं है। इसके साथ ही जीतनराम मांझी ने यह भी कहा कि एनडीए में सीटों का बटवारा या सीटों का तालमेल हो जाना चाहिए। बात हुई है, दशहरा के बाद सब लोग यहां आएंगे और फिर सारी बातों पर बातें होंगी।