बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की 'सेवा यात्रा' में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल यूनाईटेड (जदयू) के बीच टकराव साफ नजर आ रहा है।
नीतीश कुमार के मोदी विरोध के बावजूद भी उनकी यात्रा के दौरान जहां भी वे जाते हैं वहां उनसे पहले मोदी के पोस्टर्स पहुंच जाते हैं। इन पोस्टर्स में नरेंद्र मोदी को भावी प्रधानमंत्री के तौर पर दिखाया गया है।
गोपालगंज में ऐसा वाकया होने के बाद अब गया में भी नीतीश के रास्ते में नरेंद्र मोदी के पोस्टर्स लगाए गए।
नीतीश कुमार बुधवार को गया की यात्रा पर निकले। गया कलैक्ट्रेट के आसपास मुख्यमंत्री के आने से पहले ही वहां पर नरेंद्र मोदी के पोस्टर्स लगे हुए थे।
'नमो नमो, जन जन की आवाज और 2014 में नरेंद्र मोदी की सरकार' लिखे पोस्टर्स नीतीश कुमार का स्वागत कर रहे थे।
इससे पहले दो मई को नीतीश की गोपालगंज में सेवा यात्रा के दौरान भी नरेंद्र मोदी को भावी प्रधानमंत्री बनाने वाले पोस्टर और बैनर रातों रात लगा दिए गए थे। इसके चलते दोनों दलों में तकरार की नौबत भी आ गई थी।
इन पोस्टर्स को लेकर जहां जदयू कार्यकर्ताओं में गुस्सा है तो वहीं बिहार भाजपा इसे हल्के अंदाज में लेती दिख रही है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडेय का इस संबंध में कहना है कि यह कार्यकर्ताओं की नरेंद्र मोदी के प्रति भावनाएं हैं। हमें इसमें कुछ गलत नहीं लगता है। लोकतंत्र में हर किसी को अपनी बात कहने का हक है।
वहीं, जदयू के प्रवक्ता का कहना है कि यह पोस्टर्स भड़काऊ हैं और जदयू भाजपा के गठबंधन को नुकसान पहुंचाने के लिए लगाए गए हैं। भाजपा का एक धड़ा भाजपा जदयू के गठबंधन के खिलाफ है।
उन्होंने कहा की पार्टी इन सब बातों पर ध्यान दे रही है लेकिन अभी इस पर प्रतिक्रिया नहीं देना चाहती।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक मई से 'सेवा यात्रा' पर निकले हुए हैं। इस चरण में उनका गोपालगंज, सीतामढ़ी और गया का दौरा करने का कार्यक्रम है।