Manish Kashyap: भाजपा छोड़कर जनसुराज में शामिल हुए यूट्यूबर मनीष कश्यप ने कहा कि प्रशांत किशोर की पहल के साथ जुड़कर बिहार में व्यवस्था परिवर्तन की लड़ाई को मजबूत करने के लिए जन सुराज में जुड़ा हूं। अब मैं खुद को जनसेवा के लिए समर्पित करना चाहता हूं।
चर्चित यूट्यूबर मनीष कश्यप ने अब चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर की पार्टी में शामिल हो चुके हैं। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी का साथ पूरी तरह से छोड़ दिया है। अब वह जनुसराज के साथ आ चुके हैं। सोमवार दोपहर प्रशांत किशोर ने उन्हें जनसुराज की सदस्यता दिलाई। जनसुराज की ओर से बताया गया कि चर्चित यूट्यूबर मनीष कश्यप औपचारिक रूप से जन सुराज परिवार में शामिल हो गए। मनीष कश्यप की पहचान सोशल मीडिया के माध्यम से जन सरोकार के विषयों को उठाने वाले की रही है।
बिहार में व्यवस्था परिवर्तन में अपनी भूमिका निभाना चाहते हैं
पटना में जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने मनीष कश्यप का स्वागत करते हुए कहा कि मैं और मनीष कश्यत चुनाव लड़ने नहीं आए हैं। हमलोगों का लक्ष्य एमपी-एमएलए बनना नहीं है बल्कि बिहार का सुधार है। हर हाल में बिहार का विकास होना चाहिए। जिन लोगों ने 30 साल में बिहार का यह दुर्दशा किया है, उनको हर हालत में बिहार की जनता से सजा दिलाकर ही मानेंगे। उन्होंने कहा कि मनीष कश्यप कोई नेता या सिर्फ यूट्यूबर नहीं हैं, वे बिहार में व्यवस्था परिवर्तन में अपनी भूमिका निभाना चाहते हैं। वे हमेशा बिहार के उन लोगों के साथ खड़े रहे हैं जिनके साथ अन्याय हुआ है। उनका उद्देश्य समाज को कुछ देना है, न कि उसे नोचना। उनका जुड़ाव इस बात का संकेत है कि अब राजनीति में ईमानदारी और व्यवस्था परिवर्तन की बात ज़मीन पर असर कर रही है।
व्यवस्था परिवर्तन की बात को जन-जन तक पहुंचाया
मनीष कश्यप ने कहा कि बिहार में वास्तविक बदलाव लाने के लिए केवल सवाल पूछना ही नहीं, बल्कि खुद जवाब बनने की ज़रूरत है। इसी सोच के साथ मैं जन सुराज से जुड़ रहा हूं। उन्होंने आगे कहा कि प्रशांत किशोर जी ने बिना जाति-धर्म के चश्मे से समाज को देखने की जो पहल की है और व्यवस्था परिवर्तन की बात को जन-जन तक पहुंचाया है, उनके साथ जुड़कर मैं स्वयं को जनसेवा के लिए समर्पित करना चाहता हूं। इस मौके पर जन सुराज के वरिष्ठ अधिवक्ता वाई. बी. गिरी, पूर्व राजदूत मनोज भारती, पूर्व विधायक किशोर कुमार, एमएलसी अफाक़ अहमद, महासचिव सरवर अली और युवा अध्यक्ष प्रोफेसर शांतनु उपस्थित थे।