लालू प्रसाद यादव और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
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लोकसभा चुनाव के बाद खाली हुई विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की तैयारी शुरू हो गई है। आज निर्वाचन आयोग की मतदान और मतगणना की तारीख की घोषणा कर दी। मुख्य चुनाव आयुक्त के अनुसार, बिहार की चार सीटों पर उपचुनाव के 18 अक्टूबर अधिसूचना जारी होगी। वहीं 25 अक्टूबर तक नॉमिनेशन दाखिल किया जा सकता है। 28 अक्टूबर तक नामांकन की जांच होगी। 30 अक्टूबर तक प्रत्याशी अपना नाम वापस ले सकते हैं। 13 नवंबर को मतदान और 23 नवंबर को मतगणना होगी।
बिहार में चार विधायकों ने इस बार लोकसभा चुनाव बाजी मारी थी। वह जीत हासिल कर संसद पहुंचे थे। इस कारण तरारी, रामगढ़, बेलागंज और इमाजगंज सीट खाली हो गई है। अब इन सीटों पर उपचुनाव होना है। इसको लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी एनडीए और महागठबंधन के नेता तैयारी में जुट गए हैं। सीट शेयरिंग को लेकर बातचीत अंतिम दौर में है।
इन चार दिग्गजों के सांसद बनने के बाद खाली हुई यह सीटें
बता दें कि 2020 में तरारी सीट से विधायक चुने गए भाकपा माले के सुदामा प्रसाद अब आरा लोकसभा सीट से सांसद बन चुके हैं। वहीं रामगढ़ विधानसभा सीट से राष्ट्रीय जनता दल के विधायक व पूर्व मंत्री सुधाकर सिंह बक्सर लोकसभा सीट से सांसद चुने गए हैं। इधर, जहानाबाद के सांसद बने राष्ट्रीय जनता दल के वरीय नेता सुरेंद्र यादव ने 2020 में बेलागंज विधानसभा सीट से जीत हासिल की थी। इमामगंज सीट की बात करें तो यहां से 2020 में पूर्व उपमुख्यंत्री जीतन राम मांझी ने विधानसभा चुनाव जीत हासिल की थी। वह अब गया लोकसभा सीट से सांसद चुने गए हैं। अब इन सीटों पर चुनाव होना है। अब देखना होगा कि एनडीए और महागठबंधन के किस दल के किस नेता टिकट मिलता है। राजनीतिक पंडित कहते हैं चारों सीटों पर सीएम नीतीश कुमार, केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव जैसे दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर है।
बिहार में चार विधानसभा सीटों पर उपचुनाव
| विधानसभा सीट |
उपचुनाव का कारण |
| तरारी |
भाकपा माले विधायक सुदामा प्रसाद के सांसद बनने से सीट खाली हुई |
| रामगढ़ |
राजद विधायक सुधाकर सिंह के सांसद बनने से सीट खाली हुई |
| बेलागंज |
राजद विधायक सुरेंद्र यादव के सांसद बनने से सीट खाली हुई |
| इमामगंज |
हम विधायक जीतन राम मांझी के सांसद बनने से सीट खाली हुई |