धरना पर बैठे शिक्षक अभ्यर्थी।
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दर्जन भर शिक्षक अभ्यर्थियों को पुलिस ने लिया हिरासत में
इधर, गांधी सेतु और दीघा के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग कर दिया है ताकि शिक्षक अभ्यर्थी पटना में प्रवेश नहीं कर सके। इतना ही नहीं दीघा इलाके में 20 से अधिक गाड़ियों को रोक लिया गया है। सूचना मिल रही है कि इन गाड़ियों से शिक्षक अभ्यर्थी पटना पहुंच रहे थे। सूत्रों की मानें तो पटना पुलिस ने दर्जन भर शिक्षक अभ्यर्थियों और शिक्षक नेताओं को हिरासत में भी लिया है।
बिहार के बच्चों को गरीब और मजदूर बनाने की साजिश
दरअसल, नियाजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा देने और डोमिसाइल नीति लागू करने की मांग को लेकर शिक्षक अभ्यर्थी लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। 11 जुलाई को आंदोलन की चेतावनी पहले ही दी थी। इसी को लेकर गर्दनीबाग इलाके में सैकड़ों शिक्षक अभ्यर्थी धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं बिहार के कई जिलों से आए शिक्षक अभ्यर्थी ने कहा कि हमलोग बिहार सरकार के हर मंत्री और विधायक को घरेंगे। इनलोगों ने हमारी डोमिसाइल नीति खत्म कर दी। यह बिहार का अपमान है। बिहार के बच्चों को गरीब और मजदूर बनाने के लिए यह तुगलकी फरमान जारी किया है। यह काला कानून गलत है। शिक्षक अभ्यर्थियों ने कहा कि एक तरह से बिहार में आपातकाल लगा दिया गया है। सोमवार रात से ही कई जिलों में शिक्षक अभ्यर्थी और नियोजित शिक्षकों को हिरासत में लिया गया है। यह सरासर गलत है।
राजद का आरोप- भाजपा वाले बहका रहे हैं
इधर, विधानसभा परिसर में भाई वीरेंद्र ने कहा कि शिक्षक अभ्यर्थियों को भड़काया जा रहा है। वह यह जान रहे हैं कि भाजपा वाले ऐसा कर रहे हैं। मैं उनसे अपील करता हूं कि महागठबंधन की सरकार हमेशा शिक्षकों के साथ रही है। आगे की हमेशा रहेगी। महागठबंधन सरकार उनके लिए काफी कुछ सोच रही है। इसलिए किसी के बहकावे में नहीं आएं। वहीं माले विधायकों ने कहा कि नियोजित शिक्षकों के मुद्दे पर हमलोग उनके साथ हैं। सरकार को उनकी मांग माननी होगी। हमलोग भी सरकार से इस मामले में सरकार से बात करेंगे।