Bihar: बीपीएससी परीक्षार्थियों के लिए अच्छी खबर, किए गए हैं कई सुधार
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बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित शिक्षक भर्ती परीक्षा का फॉर्म भरने वालों के लिए काम की खबर है। आयोग ने फिर से एक नया बदलाव किया है। BPSC द्वारा जारी सूचना में कहा गया है कि शिक्षा विभाग, बिहार के नियंत्रणाधीन माध्यमिक विद्यालयों में सामाजिक विज्ञान विषय के विद्यालय अध्यापक के पदों पर नियुक्ति हेतु अभ्यर्थी इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र एवं राजनीतिशास्त्र में किसी दो विषय जिसमें से एक विषय इतिहास या भूगोल विषय अनिवार्य है। इसका चयन सामाजिक विज्ञान विषय के परीक्षा में कर सकते हैं।
BPSC ने स्थाई निवासी की अनिवार्यता खत्म कर दी
इससे पहले मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में शिक्षक भर्ती परीक्षा को लेकर कुछ अहम बदलाव किए गए थे। इसमें कहा गया कि अब बिहार के बाहर के लोग भी शिक्षक भर्ती परीक्षा का फॉर्म भर सकते हैं। यानी BPSC ने स्थाई निवासी की अनिवार्यता खत्म कर दी। इससे अन्य राज्यों के अभ्यर्थियों के शामिल होने से प्रतिस्पर्धा बढ़ जाएगी। हालांकि इससे पहले भी शिक्षक नियोजन में भी दूसरे राज्यों के अभ्यर्थियों को शिक्षक बनने का मौका दिया गया था।
शिक्षक भर्ती के लिए 12 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन लिए जाएंगे
बता दें कि बिहार लोक सेवा आयोग ने 1,70, 461 पदों पर वैकेंसी निकाली है। इसमें टीचर पद के लिए योग्य अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अभ्यर्थी BPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर विज्ञापन डाउनलोड कर सकते हैं। BPSC के अनुसार, शिक्षक भर्ती के लिए 15 जून से ऑनलाइन आवेदन लिए जाएंगे। वहीं अंतिम आवेदन करने तिथि 12 जुलाई है।
हाल में आयोग ने बदली परीक्षा की तारीख
हाल में ही बिहार लोक सेवा आयोग ने इस परीक्षा की तारीख में भी बदलाव किए थे। अब परीक्षा 24, 25, 26 और 27 अगस्त को परीक्षा होगी। पहले यह परीक्षा अगस्त महीने के 19, 20, 26 और 27 तारीख को होने वाली थी। लेकिन, CTET परीक्षा को देखते हुए BPSC ने अचानक डेट में बदलाव किया है।