बिहार एसएससी का प्रश्नपत्र लीक होने के बाद सोमवार को छात्रों का गुस्सा आयोग के सचिव पर टूटा। छात्रों का विरोध को देखते हुए तब जाकर सरकार गंभीर हुई और इस पूरे मामले की जांच के आदेश दिए। सोमवार को संवाद कार्यक्रम के दौरान जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इस मामले में पूछा गया तो उन्होंने मामले की गंभीरता को भांपते हुए कहा कि इस मामले की जांच मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह और डीजीपी पीके ठाकुर खुद करेंगे।
इससे पूर्व सैकड़ों की संख्या में विभिन्न छात्र संगठनों से जुड़े युवा आयोग के दफ्तर जा पहुंचे। इस दौरान छात्रों ने बिहार एसएससी के सचिव परमेश्वर राम को निशाना बनाया। छात्रों ने उनके साथ मारपीट की। छात्रों के विरोध को देखते हुए पहले से ही आयोग के दफ्तर को पुलिस छावनी में बदल दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद सचिव छात्रों के कहर से बचने में नाकामयाब रहे। झड़प के दौरान पुलिस को भी छात्रों को नियंत्रित करने के लिए बल का प्रयोग करना पड़ा। छात्रों ने इस दौरान दफ्तर का गेट भी तोड़ दिया और जम कर नारेबाजी की। अधिकारियों के समझाने के बाद भी काफी देर तक दफ्तर के बाहर के हालात सामान्य नहीं हो सके।
मालूम हो कि रविवार को बिहार एसएससी की परीक्षा का पर्चा लीक हुआ था जिसके बाद छात्रों ने आयोग की कार्यशैली पर सवाल खड़े किये थे। जब इस मामले में आयोग से पूछा गया था, तो आयोग के अधिकारियों ने इसे महज अफवाह बताते हुए इस मामले से पल्ला झाड़ लिया था। बिहार में लगातार दूसरे रविवार को भी एसएससी की परीक्षा के दौरान पर्चा लीक हुआ था, लेकिन आयोग की तरफ से अब तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई है।