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Prayagraj: लापता बेटे का मां ने करा दिया था श्राद्ध कर्म, पांच साल बाद प्रयागराज में भीख मांगता मिला

Fri, 21 Feb 2025 12:44 AM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, सीवान

सार

Bihar : आस्था का महापर्व छठ का समय था, मां के पीछे उसका छोटा बेटा भी गया, और फिर अचानक वह लापता हो गया। मां और परिवार के लोगों ने कई जगहों पर उसकी तलाश की, लेकिन कहीं कोई पता नहीं चल सका। पांच साल गुजर गये। अब कुंभ के मेले में भीख मांगते  मिला। 
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मां और बेटा - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
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विस्तार
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सीवान से छठ पर्व पर नहाने गया युवक अचानक लापता हो गया। परिजनों ने उसकी काफी खोप्ज्बीन की लेकिन उसका कहीं कोई पोता नहीं चल सका।अब 5 साल के बाद कुंभ मेले में वह भीख मांगता हुआ मिला। , दरअसल यह पूरी कहानी हुसैनगंज थाना क्षेत्र रहने वाले परमेश्वर पंडित की है।

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पांच साल पहले छठ में हुआ था लापता 
घटना के संबंध में परमेश्वर पंडित की माता रेखा देवी का कहना है कि दिसंबर 2020 में वह आस्था का महा पर्व छठ के मौके पर नहाने के लिए अपने पुत्र को साथ लेकर सीवान गई थी। नहाने के बाद उसका पुत्र परमेश्वर पंडित अचानक लापता हो गया। रेखा देवी ने बताया कि उन्होंने अपने पुत्र की बहुत खोजबीन की। छपरा अनाथ आश्रम  समेत कई बड़े शहरों में भी उसकी खोजबीन की,  लेकिन उसका कोई भी सुराग नहीं मिल सका।

प्रयागराज में मांगी थी बेटे के मिलने की मन्नत 
परमेश्वर पंडित की माता रेखा देवी ने बताया कि कुछ दिन पहले वे अपने परिवार के साथ कुंभ नहाने प्रयागराज गए थे। इस दौरान तमाम भिखारियों को भिक्षा देते वक्त मैंने वहीं अपने पुत्र से मिलवाने की मन्नत मांगी, और मैं चली आई, लेकिन 2 दिन पूर्व गए हुए गांव के कुछ लोग प्रयागराज में जैसे नहा कर लौट रहे थे, तभी परमेश्वर पंडित ने गांव के लोगों को पहचान लिया। वह व्हीलचेयर से आते हुए पैर पकड़ कर रोने लगा, लोगों ने भी इसे पहचान लिया कि यह उसी  के गांव का परमेश्वर पडित है।
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पुलिस को भेजना पड़ा था प्रमाण 
परमेश्वर पंडित की माता रेखा देवी ने बताया कि उनके बेटे को जब प्रयागराज से मंगवाया जा रहा था, तब कुछ लोग इसका विरोध करने लगे। तब तक पुलिस भी वहां पहुँच गई। फिर ग्रामीणों ने युवक की मां से उसका आधार कार्ड मंगवाकर पुलिस को दिखाया। पुलिस ने वेरीफाई करते हुए पुलिस बल के साथ उसके घर उसको उसके माँ  के हवाले किया और फिर बांड भरवा कर उसे सौंप दिया। मां रेखा देवी ने कहा कि वह अपने पुत्र को दोबारा प्राप्त कर बहुत ही खुश हैं।  परमेश्वर पंडित का एक बड़ा भाई भी है जो एक पैर से अपंग है। इसके पिता की कुछ माह पहले मौत हो चुकी है।

बेटे को मृत समझ कर चुकी थी श्राद्ध कर्म 
परमेश्वर पंडित की माता रेखा देवी ने रोते हुए बताया कि मैं तो अपने पुत्र का श्राद्ध कार्यक्रम भी कर चुकी हूं।  तमाम  जगह खोजने के बाद मेरी उम्मीद टूट चुकी थी तो मैंने यह समझा कि मेरा पुत्र अभी इस दुनिया में नहीं रहा। इसलिए हमने तमाम रीति रिवाज के साथ अपने इस पुत्र का श्राद्ध कार्यक्रम भी करवा दिया था, लेकिन फिर भी मेरा दिल बेचैन रहता था। मैं जिस भी मंदिर जाती मैं अपने पुत्र प्रप्ति की मन्नते जरूर मांगती  थी, शायद यही वजह है कि भगवान ने मेरी सुन ली और अंत अंत तक मेरे पुत्र से मुझे मिला दिया। रेखा देवी ने कहा कि मैं भगवान का बहुत शुक्रगुजार हूं कि जो भी मन्नत मैंने मांगी वह पूरी हुई।

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