मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि बिहार के सीमावर्ती क्षेत्र को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी से जोड़ने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। रक्सौल हवाई अड्डे के नवनिर्माण के लिए रनवे, एप्रन, टैक्सीवे सहित एयरसाइड इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास हेतु इंजीनियरिंग कंसल्टेंसी सेवाओं का टेंडर जारी कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना उत्तर बिहार के विकास को नई गति देगी और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगी।
सीमावर्ती जिलों को मिलेगा सीधा फायदा
पूर्वी चंपारण जिले में नेपाल सीमा के पास स्थित रक्सौल में बनने वाला यह एयरपोर्ट लंबे समय से क्षेत्र की प्रमुख मांग रहा है। फिलहाल इस इलाके के लोगों को हवाई यात्रा के लिए पटना या दरभंगा एयरपोर्ट पर निर्भर रहना पड़ता है। एयरपोर्ट बनने के बाद पूर्वी और पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, शिवहर और सीतामढ़ी समेत कई जिलों के लोगों को सीधी राहत मिलेगी।
ब्राउनफील्ड प्रोजेक्ट के तहत होगा विकास
रनवे विस्तार से बड़े विमानों की होगी आवाजाही
एयरपोर्ट के विकास में सबसे बड़ा बदलाव रनवे के विस्तार के रूप में देखा जाएगा। इसे बढ़ाकर लगभग 2360 मीटर किया जाएगा, जिससे Airbus A320 और Boeing 737 जैसे मध्यम आकार के विमान आसानी से उड़ान भर और उतर सकेंगे। इसके साथ ही आधुनिक टर्मिनल भवन, उन्नत सुरक्षा व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
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भारत-नेपाल कनेक्टिविटी और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा