फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar: बिहार में अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों की परेशानी बढ़ी, NMCH के छात्र और डायल 102 का स्टाफ हड़ताल पर

Wed, 22 Jan 2025 10:32 AM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

डायल 102 के एंबुलेंस के कर्मी भी हड़ताल पर चले गए हैं। इनका कहना है कि नई एजेंसी के प्रति एंबुलेंस कर्मचारियें का कई बिंदुओं पर संशय बना हुआ है। एजेंसी इनका समाधान करने के बजाय मनचाहे ढंग से नियमों को जबरन लागू कर रही है। 
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आज पटना के सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए जाने वाले मरीजों को परेशानी हो रही है। इसके दो-दो कारण हैं। पहला यह है कि नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मेडिकल स्टूडेंट का हड़ताल पर चले गए हैं। एनएमसीएच में इंटर्नशिप कर रहे स्टूडेंट स्टाइपेंड की मांग कर रहे हैं। वहीं दूसरा यह है कि डायल 102 के एंबुलेंस के कर्मी भी हड़ताल पर चले गए हैं। इनका कहना है कि नई एजेंसी के प्रति एंबुलेंस कर्मचारियें का कई बिंदुओं पर संशय बना हुआ है। एजेंसी इनका समाधान करने के बजाय मनचाहे ढंग से नियमों को जबरन लागू कर रही है। इसका समाधान किया जाए। 
विज्ञापन



जानिए, मेडिकल स्टूडेंट क्या क्या किया
मंगलवार को एनएमसीएच के मेडिकल स्टूडेंट हड़ताल पर चले गए। छात्र-छात्राओं ने अस्पताल परिसर में जमकर प्रदर्शन किया। कुछ देर के लिए रजिस्ट्रेशन काउंटर को बंद करवा दिया और ओपीडी भी बाधित कर दिया। मेडिकल स्टूडेंट की मांग है कि अस्पताल प्रबंधन फंड नहीं आने की बात कह स्टाइपेंड नहीं दे रहे। जुलाई 2024 से वह स्टाइपेंड की मांग कर रही है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इसलिए हमलोगों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का एलान किया है। 

अब जानिए एबुलेंसकर्मी क्या कह रहे
बुधवार सुबह से ही एंबुलेंसकर्मी गर्दनीबाग धरनास्थल पर बैठे हुए हैं। बिहार एंबुलेंस महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद मुस्लिम आदि नेताओं ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती है, तब तक धरना प्रदर्शन करते रहेंगे। एबुलेंसकर्मियों को अनुचित तरीके से ट्रांसफर कर बिना कारण नौकरी से हटा दिया जाता है। यह अन्याय है। सरकार को हमलोगों के साथ न्याय करना होगा।
विज्ञापन


 

एनएमसीएच पटना - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
बन रहे पोर्टल की वजह से नहीं हुआ भुगतान 
एनएम सीएच में हड़ताल करने वाले 2019 बैच के मेडिकल के  विद्यार्थी हैं। उनका कहना है कि 2019 बैच के मेडिकल के  छात्र छात्राओं को 5 महीने से स्टाइपेंड नहीं मिला  है।  कहना है कि एक तो हमलोगों को मात्र 20 हजार ही स्टाइपेंड मिलता है, वह भी समय पर नहीं मिलता है। इस संबंध में हड़ताल पर बैठे विद्यार्थीं ने अमर उजाला को बताया कि मैडम (एनएमसीएच अधीक्षक डॉ (प्रो) अलका सिंह ) कहती हैं कि एक पोर्टल बनाया जा रहा है, इस वजह से पेमेंट में परेशानी हो गई है, जबकि हकीकत कुछ और है।

सिर्फ एनएमसीएच के 2019 बैच के बच्चों का ही स्टाइपेंड लंबित क्यों ?
एनएमसीएच के मेडिकल के छात्रों का कहना है कि सिर्फ एनएमसीएच में और सिर्फ 2019 बैच के बच्चों के साथ ही ऐसा क्यों हो रहा है? हमलोगों को छोड़कर बाकी सभी जगहों के, यहां तक कि पटना के पीएमसीएच सहित अन्य मेडिकल कॉलेज के सारे मेडिकल छात्र-छात्राओं के स्टाइपेंड का भुगतान हो रहा है, लेकिन हमलोगों का नहीं हो रहा है।
विज्ञापन

एनएमसीएच अधीक्षक डॉ (प्रो) अलका सिंह। - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
तीन दिनों से किया जा रहा हड़ताल 
मेडिकल के छात्रों ने कहा कि परसों यानी सोमवार को दोपहर 1:00 बजे से 2:00 बजे तक बंद रहा। कल 10:00 से 2:00 बजे तक बंद रहा। आज सुबह 9:30 से 10:00 बजे तक हमलोगों ने काम बंद रखा। आज हड़ताल करते ही वहां एनएमसीएच अधीक्षक डॉ (प्रो) अलका सिंह ने आकर उन्हें हड़ताल तोड़ने की पहल की। अधीक्षक ने 10 दिन का समय मांगा है। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द आपकी जो मांग है, उसे पूरा करने की कोशिश की जाएगी। एनएमसीएच के मेडिकल के छात्रों ने फिलहाल हड़ताल समाप्त कर लिया है और सभी मेडिकल के छात्र वापस काम पर लौट आए हैं। लोगों ने हड़ताल को खत्म करने के लिए लिखित आवेदन भी दिया है।

एनएमसीएच अधीक्षक ने स्वास्थ्य विभाग के सचिव को दी जानकारी 
इस संबंध में पूछे जाने पर एनएमसीएच अधीक्षक डॉ (प्रो) अलका सिंह ने पहले हड़ताल किये जाने के बात को गलत बताया। उन्होंने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है, लेकिन फिर उन्होंने कहा कि इनलोगों ने बंद करने की कोशिश की थी, लेकिन फिर इनको आश्वासन दिया गया है। मैं भरसक कोशिश करूंगी कि इनके स्टाइपेंड का भुगतान जल्द से जल्द हो जाय। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के सचिव प्रत्यय अमृत को भी स्टाइपेंड के भुगतान नहीं होने की जानकारी दी है। स्वास्थ्य विभाग के सचिव प्रत्यय अमृत की तरफ से भी मेडिकल के छात्रों को आश्वासन दिया गया है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें