बिहार विधानसभा चुनावों पर जहां पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं और हर कोई बस यही जानने की जिज्ञासा में है कि वहां किसकी बनेगी सरकार। ऐसे में सटोरियों की नजर से जानिए वहां किस पार्टी पर लगा है दांव।
चुनावों को लेकर सटोरिये बड़ा दांव खेल चुके हैं जिसका परिणाम तो 8 नवंबर के बाद ही पता चलेगा लेकिन फिलहाल सटोरियों की नजर में लालू-नीतीश का महागठबंधन भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए से आगे निकलता दिख रहा है। सटोरियों ने भाजपा गठबंधन के मुकाबले राजद-जेडीयू गठबंधन को ज्यादा भाव दिया है।
ईकॉनोमिक टाइम्स की खबर के अनुसार सट्टेबाजार में एनडीए के मुकाबले महागठबंधन ज्यादा पसंदीदा बना हुआ है। हालांकि बाजार 1 नवंबर को होने वाले चौथे चरण के चुनाव के इंतजार में है, जिससे सही सही आंकलन किया जा सके।
अक्टूबर के मध्य तक आगे था एनडीए
ईटी ने इस संबंध में सट्टा बाजार के एक बड़े खिलाड़ी से बात की जो इस पर दांव लगाते हैं। उनके अनुसार बिहार के चुनावों के संबंध में वह अभी कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं है। लेकिन शुक्रवार को जो बाजी लगी उसमें भाजपा गठबंधन को 110 सीटें और भाजपा को 94 सीटें मिलने का अंदाजा लगाया जा रहा है।
यह बहुमत (122) से काफी कम है, यह उस अनुमान से भी काफी नीचे है जिसमें अक्टूबर के मध्य तक भाजपा गठबंधन को 150 और भाजपा को 108 सीटें मिलने की बात कही जा रही थी।
वहीं, नीतीश लालू गठबंधन जो अक्टूबर के मध्य में 100 के आसपास सिमटता दिख रहा था सट्टा बाजार अब उसे 127 सीटें मिलने का दांव लगा रहा है।
लालू और राजद को ज्यादा तवज्जो दे रहा बाजार
आश्चर्यजनक रूप से सट्टा बाजार लालू यादव के राष्ट्रीय जनता दल को सभी गठबंधनों में ज्यादा भाव देता दिख रहा है। जबकि शुरूआत में भाजपा गठबंधन अन्य गठबंधन में साफ-साफ आगे जाता दिख रहा था।
खास बात ये है कि शुरूआती दो चरणों के चुनावों के बाद सट्टा बाजार लालू-नीतीश के गठबंधन को 145 सीटें देता दिख रहा था। लेकिन तीसरे चरण के बाद भाजपा के भाव कुछ बढ़े क्योंकि उसके कई क्षेत्रों में भरपाई करने की उम्मीद की जा रही है।
लेकिन इसके बावजूद भी अभी महागठबंधन भाजपा से आगे बना हुआ है। बाजार के जानकारों के अनुसार अभी चौथे चरण पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं जो काफी महत्वपूर्ण है।