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बिहार: आरएसएस समेत 19 संगठनों की ‘जासूसी’ वाले पत्र पर गरमाई सियासत

Thu, 18 Jul 2019 03:39 AM IST
Nilesh Kumar अमर उजाला ब्यूरो, पटना

सार

  • भाजपा ने जताया कड़ा एतराज
  • नीतीश कुमार से मांगा स्पष्टीकरण
  • एडीजी जीएस गंगवार ने दी सफाई
  • सुरक्षा को लेकर जारी हुआ था पत्र
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पीएम मोदी, नीतीश कुमार (फाइल फोटो)
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विस्तार
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करीब एक महीने पुराने पत्र ने बिहार की सियासत को गर्मा दिया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के साथ 19 हिंदूवादी संगठनों व इनसे जुड़े सदस्यों की जानकारी एकत्र करने को लेकर जारी बिहार पुलिस की विशेष शाखा की ओर से जारी पत्र पर भाजपा ने कड़ा एतराज जताया है। बुधवार को विधान परिषद में यह मुद्दा उठा, जिस पर भाजपा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जवाब मांगा है। 

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वहीं, गृह विभाग के अधिकारियों ने पत्र पर सत्यता पर चुप्पी साध ली है, जिसमें विशेष शाखा द्वारा संघ परिवार से संबंधित 19 संगठनों के जिला स्तर के अधिकारियों का नाम, पता, व्यवसाय, टेलीफोन नंबर आदि की जानकारी मांगी गई है। हालांकि विभाग की ओर से एडीजी विशेष शाखा से स्पष्टीकरण मांगा गया है कि सरकार की जानकारी के बगैर पत्र कैसे सार्वजनिक हुआ।

बिहार भाजपा ने पुलिस के इस कदम पर हैरानी जताई है। भाजपा एमएलसी सच्चिदानंद राय ने कहा कि पार्टी को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इरादों से सावधान रहना चाहिए, जिनके पास गृह विभाग का जिम्मा है। भाजपा उपाध्यक्ष और विधायक मिथिलेश तिवारी ने कहा कि हम हैरान है कि पुलिस संघ परिवार के कार्यकर्ताओं की जानकारी जुटाना चाह रही है, जो राष्ट्र निर्माण में निस्वार्थ रूप से समर्पित हैं। 
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भाजपा नेता और मीडिया प्रभारी संजय मयूख ने कहा कि पत्र पर सरकार जवाब दे। आरएसएस देश की विश्वसनीय संस्था है और इसकी खुफिया जांच की बात चौंकाने वाली है। हालांकि भाजपा नेताओं ने स्पष्ट किया है कि इस मामले से राज्य के गठबंधन पर कोई असर नहीं होगा। 

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'खतरे की वजह से मांगी गई जानकारी'

इधर, पत्र सार्वजनिक होने के बाद बुधवार को एडीजी जीएस गंगवार ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि कहा कि आरएसएस नेताओं पर खतरा था, इस वजह से जानकारी ली जा रही थी। वैसे इस पत्र की भाषा सही नहीं है। यह पत्र कैसे जारी हुआ, इसकी कोई जानकारी पुलिस विभाग, पुलिस मुख्यालय या सरकार को नहीं है।

पत्र की जांच की जा रही है और इस मामले में जांच के बाद संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी। एडीजी ने कहा कि यह पत्र पुलिस अधीक्षक की तरफ से जारी हुआ है और जिन्होंने पत्र जारी किया, वो अधिकारी अभी पुलिस अकादमी में ट्रेनिंग कर रहे हैं। उनका भी पक्ष लिया जाएगा। 

28 मई को जारी हुआ था पत्र 

पत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ लेने से दो दिन पहले 28 मई को जारी हुआ था। खुफिया विभाग के इस पत्र में बिहार पुलिस की स्पेशल ब्रांच के सभी अधिकारियों से आरएसएस, बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद समेत विभिन्न संगंठनों के नेताओं की जानकारी मांगी गई थी। 

इस पत्र में प्रदेश के आरएसएस पदाधिकारियों और सहायक संगठनों की विस्तृत जानकारी निकालने के आदेश दिए थे। इस पर एक सप्ताह के अंदर जवाब देने को कहा गया था। पत्र की कॉपी बिहार पुलिस के स्पेशल ब्रांच के एडीजी, आईजी और डीआईजी को भी भेजी गई थी।
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राजद ने भी साधा निशाना 

इस बीच, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने कहा कि नीतीश ने पहले ही आरएसएस की जड़ें मजबूत कर दी हैं। आरएसएस को मजबूत करने में नीतीश की भूमिका है, अब जांच करवाकर क्या करेंगे? इसका जवाब सुशील मोदी और भाजपा वालों से लेना चाहिए, अब क्या वे क्या कहेंगे?
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