भाजपा ने मंगलवार को अपने पुराने सहयोगी बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कदम पर नाराजगी जताते हुए उन पर आदतन विश्वासघात करने का आरोप लगाया। राज्य मुख्यालय में कोर कमेटी की बैठक के बाद जारी एक बयान में पार्टी ने घोषणा की कि वह बुधवार को सभी जिलों में जद (यू) नेता द्वारा विश्वासघात के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध (महाधरना) करेगी, जिसके बाद ब्लॉक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी, जिन्होंने एक दशक से अधिक समय तक नीतीश कुमार के डिप्टी के रूप में कार्य किया था और उन्हें भाजपा में उनका सबसे भरोसेमंद व्यक्ति माना जाता है, उन्होंने नीतीश की पार्टी पर झूठ बोलने का आरोप लगाया।
सूत्रों ने मंगलवार को कहा कि बिहार में नई सरकार में कांग्रेस को चार मंत्री पद मिलने की संभावना है। सूत्रों ने कहा कि कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के तुरंत बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी दोनों से बात की। समझा जाता है कि उन्होंने नई सरकार के गठन में समर्थन देने के लिए कांग्रेस नेतृत्व को धन्यवाद दिया। सूत्रों ने कहा कि चार मंत्री पदों के अलावा कांग्रेस ने राज्य विधानसभा के अध्यक्ष का पद भी मांगा है, लेकिन नीतीश कुमार इसे देने के इच्छुक नहीं हैं।
सुशील मोदी ने कहा- उन्हें (नीतीश कुमार) राजद में वह सम्मान नहीं मिलेगा जो उन्हें भाजपा में रहते हुए मिला था। हमने ज्यादा सीटें होने के बावजूद उन्हें सीएम बनाया और कभी उनकी पार्टी को तोड़ने की कोशिश नहीं की। हमने उन्हें ही तोड़ा जिन्होंने हमें धोखा दिया। महाराष्ट्र में शिवसेना ने हमें धोखा दिया और परिणाम भुगतने पड़े।
राजद का ट्वीट- मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री का कल दोपहर 2 बजे राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह होगा।
नीतीश कुमार ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी से बात की और समर्थन के लिए आभार जताया: कांग्रेस सूत्र
सीएम नीतीश कुमार ने राज्यपाल फागू चौहान को अपना इस्तीफा दे दिया है। राज्यपाल ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया और उनसे राज्य के कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में बने रहने का अनुरोध किया है: बिहार सीएमओ
बिहार में जदयू-राजद की अगुवाई वाली महागठबंधन सरकार कल (बुधवार) शाम चार बजे शपथ लेगी।
रविशंकर प्रसाद ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा- नीतीश कुमार ने ही जंगलराज, लूट और भ्रष्टाचार की बात की थी। 2017 में वो ही हमारे पास आए थे। नीतीश ने जनादेश का अपमान किया। आपने 2015 में लालू प्रसाद यादव के साथ जाने का फैसला क्यों किया था। 2017 में क्यों कहा था कि तेजस्वी यादव पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप का जवाब नहीं दे पा रहे हैं। नीतीश जी, अपने पुराने टीवी के कमेंट देखिए। आपने कहा था कि इतने गंभीर आरोप के जवाब तो मिलने चाहिए। तब तेजस्वी ने कहा था कि अपने वकील से मिलकर इसका जवाब दूंगा। तब आप भाजपा के साथ आ गए थे। 2019 में हमने अपने सिटिंग विधायकों का टिकट काटा था, ताकि आपको अधिक टिकट मिल सके।
लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने भाजपा को निशाने पर लिया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा-
बोया पेड़ बबूल का तो आम कहां से होय..
सत्ता की भूख
पूरे देश से
बीजेपी को ले डूबेगी
एक दिन जरूर..
जद (यू) नेता नीतीश कुमार ने राजद नेता तेजस्वी यादव से कहा, 2017 में जो हुआ उसे भूल जाएं और एक नया अध्याय शुरू करें: राजद सूत्र
बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिला। कोई पैकेज नहीं मिला। नीतीश जी ने पटना यूनिवर्सिटी की भी बात की जो नहीं मानी गई। जेपी नड्डा कहते हैं कि यहां आकर क्षेत्रीय पार्टियों को समाप्त करेंगे। यानि विपक्ष और लोकतंत्र को समाप्त करेंगे। हमारा दायित्व है संविधान को बचाना। भाजपा का एक ही काम है, डराओ। हम नीतीश जी को धन्यवाद करते हैं कि उन्होंने फैसले लेने का काम किया है। आज पांच दलों की बैठक हुई और हमें फैसला लेने की जिम्मेदारी दी गई थी। नीतीश जी ने बिहार और लोकतंत्र के हित में फैसला लिया है। हम लोग समाजवादी हैं, लालू जी ने आडवाणी का रथ रोका था। हमारे पुरखों की विरासत कोई और लेकर जाएगा क्या? हम लोग चाचा-भतीजा हैं, लड़े भी हैं, आरोप भी लगाए हैं। हम लोग समाजवादी लोग हैं। हर भाई के बीच लड़ाई होती है। पीएम उम्मीदवारी का सवाल हम मुख्यमंत्रीजी पर छोड़ते हैं। सबसे अनुभवी, परिपक्व मुख्यमंत्री कोई है तो वो नीतीश जी हैं।
तेजस्वी यादव ने कहा- तेजस्वी ने कहा कि भाजपा जहां रहती है, जिसके साथ रहती है, उसे खत्म करने में लगी रहती है। पंजाब देखिए, महाराष्ट्र देखिए। पूरे उत्तर भारत में अब भाजपा का कोई बड़ा सहयोगी नहीं रहा। देश में अराजकता का माहौल बन रहा है, सांप्रदायिकता फल-फूल रही है, सामाजिक न्याय प्रभावित हो रहा है। अर्थव्यवस्था देख लीजिए, देश की सुरक्षा देख लीजिए। आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है, आज ही के दिन भारत छोड़ो आंदोलन छिड़ा था। आज बिहार ने देश को दिशा दिखाने का काम किया है कि जो जनता के लिए लड़ता है, जनता उसे स्वीकार करती है। जनता विकल्प चाहती है।
सब मिलकर काम करेंगे और बिहार को आगे बढ़ाएंगे। समाज में विवाद पैदा करने की कोशिश की गई थी वो हमें अच्छा नहीं लगा था। कई तरह की बातें की रही थी वो हमें अच्छा नहीं लग रहा था।
राज्यपाल से मुलाकात कर नीतीश कुमार ने सरकार बनाने का दावा पेश किया। पत्रकारों से बातचीत में नीतीश ने कहा कि हमें 164 विधायकों का समर्थन हासिल है। राज्यपाल को 164 विधायकों के समर्थन की चिट्ठी सौंपी है। सभी विधायकों की राय थी कि हमें एनडीए छोड़ देना चाहिए।
नीतीश कुमार 2020 का चुनाव नरेंद्र मोदी की अगुवाई में जीते थे या नहीं ? जब नरेंद्र मोदी के नाम पर जीते थे तो आज बिहार के लोगों के समर्थन का अपमान किया है, ये क्या बात है? अगर आपको भाजपा परेशान कर रही थी तो दो साल से रूके हुए क्यों थे: केंद्रीय मंत्री व भाजपा नेता रवि शंकर प्रसाद
शरद यादव ने कहा, लोगों ने राज्य के चुनावों के दौरान उसी गठबंधन को वोट दिया था जो अब बना है। पिछली सरकार (भाजपा-जदयू सरकार) लोगों के जनादेश के अनुसार नहीं थी, केवल अब राज्य सरकार जनादेश के अनुसार होगी।
भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने निवर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर अवसरवादी होने का आरोप लगाया और कहा कि जो लोग बिहार को धोखा दे रहे हैं वे इसके विकास में बाधाएं पैदा करना चाहते हैं। उन्होंने जनता दल (यूनाइटेड) से अलग होने के बाद उभरती राजनीतिक स्थिति का जायजा लेने के लिए आज शाम भाजपा कोर ग्रुप की बैठक में हिस्सा लेने के लिए पटना जाते समय यहां हवाईअड्डे पर यह टिप्पणी की। चौबे ने कहा, भाजपा किसी को नहीं दबाती, किसी के साथ विश्वासघात नहीं करती। बिहार को धोखा देने वाले लोग इसके विकास में बाधा डालना चाहते हैं। अटल बिहारी वाजपेयी सरकार से लेकर मोदी सरकार तक बिहार का विकास हमारी प्राथमिकता रही है।
नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव राजभवन पहुंचे, सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। दोनों एक ही गाड़ी से राजभवन पहुंचे हैं।
जदयू सूत्रों के मुताबिक सरकार गठन का दावा करने से पहले नीतीश कुमार को महागठबंधन का नेता चुन लिया गया है। इस महागठबंधन में जदयू के अलावा राजद और कांग्रेस शामिल हैं।
बिहार भाजपा प्रमुख संजय जायसवाल ने कहा- नीतीश कुमार ने जनमत के साथ खिलवाड़ किया। नीतीश ने बिहार की जनता को धोखा दिया है।
नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव राबड़ी देवी के घर से एक साथ बाहर निकले।
हिंदुस्तान अवाम मोर्चा नेता जीतन राम मांझी ने नीतीश कुमार और महागठबंधन को बिना शर्त समर्थन देने का एलान किया।
आज नीतीश कुमार की साख शून्य हो गई है। हम चाहते हैं कि बिहार में राष्ट्रपति शासन लागू हो और राज्य को नए सिरे से जनादेश देना चाहिए। आपकी (नीतीश कुमार) कोई विचारधारा है या नहीं? अगले चुनाव में जदयू को शून्य सीटें मिलेगी: चिराग पासवान, लोजपा नेता (रामविलास गुट)
बिहार भाजपा कोर ग्रुप मंगलवार शाम को राज्य में उभरती राजनीतिक स्थिति का जायजा लेने के लिए बैठक करेगा। बिहार भाजपा प्रमुख संजय जायसवाल के बैठक की अध्यक्षता करने की उम्मीद है। इसमें दोनों उप-मुख्यमंत्रियों, पूर्व राज्य पार्टी अध्यक्षों और अन्य वरिष्ठ नेताओं के भाग लेने की संभावना है। बैठक में शामिल होने के लिए पूर्व उप-मुख्यमंत्री सुशील मोदी, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और अश्विनी चौबे और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद राष्ट्रीय राजधानी से पटना के लिए रवाना हो गए हैं।
राबड़ी देवी के आवास पर पहुंचे नीतीश कुमार। यहां तेजस्वी यादव सहित कई नेता मौजूद।
इस्तीफा देने के बाद राबड़ी देवी के घर पहुंचे नीतीश कुमार।
बिहार के राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपने के बाद जद (यू) नेता नीतीश कुमार ने कहा कि हमारे सभी सांसदों और विधायकों के बीच इस बात पर आम सहमति पर है कि हमें एनडीए छोड़ देना चाहिए।
नीतीश कुमार ने सीएम पद से दिया इस्तीफा। राज्यपाल से मुलाकात कर उन्हें अपना इस्तीफा सौंपा।
राजद का 15 साल का शासन राज्य को पीछे ले गया था, सीएम नीतीश कुमार ने भी कई बार ऐसा कहा। वह राजद के साथ गठबंधन में जाने को कैसे जायज ठहराएंगे, जिसे उन्होंने भ्रष्ट बताया है? यह सब सत्ता के लिए राजनीति है, इसमें कोई नैतिकता नहीं है और उन्हें शर्म आनी चाहिए: केंद्रीय मंत्री आरके सिंह
नीतीश कुमार और राज्यपाल के बीच मुलाकात जारी।
राजभवन पहुंचे नीतीश कुमार, राज्यपाल से करेंगे मुलाकात।
राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी एनडीए के साथ है। हम अन्य दलों के फैसलों पर टिप्पणी नहीं करना चाहते लेकिन हम एनडीए के साथ हैं। हमें ऐसा नहीं लगा कि भाजपा सम्मान नहीं दे रही है। वे (जदयू) केवल उनके बारे में बता सकते हैं: लोकसभा सांसद और आरएलजेपी नेता प्रिंस राज
राजद नेता तेज प्रताप यादव ने कहा, मैं मुहर्रम पर अपने सभी मुस्लिम भाइयों को शुभकामनाएं देता हूं।
राजद सूत्र ने कहा कि राजद नीतीश कुमार को समर्थन दे सकती है। विभागों के आवंटन पर कोई मतभेद नहीं होगा। तेजस्वी यादव ने कहा कि उनके पास 160 की ताकत है। अगर भाजपा अस्थिरता पैदा करने की कोशिश करती है या राष्ट्रपति शासन लागू करने की कोशिश करती है, तो हम उन्हें करारा जवाब देंगे।
भाजपा के महासचिव (संगठन) भीखुभाई दलसानिया और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद के आवास पर पहुंचे हैं। उधर राजद प्रमुख लालू यादव के आवास पर महागठबंधन के विधायकों और अणे मार्ग में जद (यू) नेताओं की बैठक चल रही है।
बिहार विधानसभा में सीटों की कुल संख्या 243 है। यहां बहुमत साबित करने के लिए किसी भी पार्टी को 122 सीटों की जरूरत है। वर्तमान आंकड़ों को देखें तो बिहार में सबसे बड़ी पार्टी राजद है। उसके पास विधानसभा में 79 सदस्य हैं। वहीं, भाजपा के पास 77, जदयू के पास 45, कांग्रेस के पास 19, कम्यूनिस्ट पार्टी के पास 12, एआईएमआईएम के पास 01, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के पास 04 सदस्य हैं। इसके अलावा अन्य विधायक हैं।
कैसे बन रहे हैं नए समीकरण?
वर्तमान में जदयू के पास 45 विधायक हैं। उसे सरकार बनाने के लिए 77 विधायकों की जरूरत है। पिछले दिनों राजद और जदयू के बीच नजदीकी भी बढ़ी हैं। ऐसे में अगर दोनों साथ आते हैं तो राजद के 79 विधायक मिलाकर इस गठबंधन के पास 124 सदस्य हो जाएंगे, जो बहुमत से ज्यादा हैं। इसके अलावा खबर है कि इस गठबंधन में कांग्रेस और कम्यूनिस्ट पार्टी भी शामिल हो सकती है। अगर ऐसा होता है तो कांग्रेस के 19 और कम्यूनिस्ट पार्टी के 12 अन्य विधायकों को मिलाकर गठबंधन के पास बहुमत से कहीं ऊपर 155 विधायक होंगे। इसके अलावा जीतन राम मांझी की पार्टी हिंदुस्तान आवाम मोर्चा के चार अन्य विधायकों का भी उन्हें साथ मिल सकता है।
राजद विधायक और नेता पटना में पार्टी प्रमुख लालू प्रसाद यादव के आवास पर पहुंचे। राज्य में जद (यू) और भाजपा के बीच दरार की खबरों के बीच पार्टी आज सुबह 11 बजे बैठक करेगी। बैठक कक्ष के बाहर सभी विधायकों के मोबाइल फोन रखे जा रहे हैं।