Paper Leak Case: पांच मई 2024 से फरार चल रहे संजीव मुखिया को बिहार पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने गिरफ्तार कर लिया है। मार्च में आर्थिक अपराध इकाई ने उसके घर पर इश्तेहार चस्पा किया था।
नीट पेपर लीक केस में बिहार पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। बिहार पुलिस की स्पेश्ल टास्क फोर्स की टीम ने पेपरलीक केस के मास्टरमाइंड संजीव मुखिया को गिरफ्तार कर लिया है। वह पांच मई 2024 से फरार चल रहा था। पुलिस जब उसे नहीं खोज पाई तक उसपर तीन लाख का इनाम रख दिया था। शुक्रवार सुबह एसटीएफ ने उसे दानापुर इलाके के गिरफ्तार किया। संजीव मुखिया पर नीट समेत कई प्रतियोगी परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा करने और पेपरलीक कराने का आरोप है। एसटीएफ की टीम संजीव मुखिया को जल्द ही कोर्ट में पेश करेगी। इसके बाद कोर्ट से आदेश मिलने पर उसे रिमांड पर लेगी।
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इससे पहले चार मार्च को आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने फरार आरोपी संजीव मुखिया के विरुद्ध फिर कार्रवाई की थी। ईओयू की विशेष टीम ने नगरनौसा थाना क्षेत्र के शाहपुर बलबा गांव में संजीव कुमार के निवास स्थान पर कोर्ट से प्राप्त इश्तिहार को चिपकाया था। यह कार्रवाई ईओयू थाना पटना में दर्ज मामला संख्या 16/23 से संबंधित है, जिसने पूरे राज्य में एक बड़ी सनसनी मचा दी है।
पृष्ठभूमि और संदिग्ध का इतिहास
नालंदा जिले के नूरसराय वानिकी कॉलेज में तकनीकी सहायक के पद पर कार्यरत संजीव कुमार उर्फ़ संजीव मुखिया बिहार पुलिस भर्ती परीक्षा घोटाले का मुख्य संचालक माना जा रहा है। उनपर अपने बेटे डॉ. शिव के साथ मिलकर परीक्षा प्रणाली में व्यापक स्तर पर धांधली करने का आरोप है। बता दें कि संजीव मुखिया के पुत्र डॉ. शिव पहले ही सिपाही भर्ती पेपर लीक मामले में जेल में बंद है।