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बिहार: ओपिनियन पोल में नीतीश से हारी मोदी सेना

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बिहार चुनावों में पूरा दम झोंक रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके सेनापति अमित शाह को चुनावों से पहले ही बड़ा झटका लगता दिख रहा है। चुनाव पूर्व हुए ओपिनियन पोल में भाजपा नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन नीतीश और लालू यादव के महागठबंधन से पिछड़ता दिख रहा है।
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भाजपा के लिए यह इसलिए भी बड़ा झटका है कि उसकी सबसे बड़ी उम्मीद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी खुद बिहार के मुख्यमंत्री के मुकाबले लोकप्रियता में पिछड़ते दिख रहे हैं। एबीपी-नीलसन की ओर से सितंबर माह में कराए गए सर्वे ने एनडीए के रणनीतिकारों की नींदें उड़ा दी हैं।

वोट फीसदी के मामले में भी भाजपा गठबंधन जनता परिवार के महागठबंधन के मुकाबले पीछा छूटता दिख रहा है। बिहार में 3 से 7 सितंबर के बीच हुए सर्वे में अधिकतर लोगों ने नीतीश कुमार को ही बेहतर मुख्यमंत्री माना है।
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वहीं भाजपा के लिए सबसे बड़ा झटका ये भी है कि दिल्ली के चुनावों में उसे धूल चटाने वाले अरविंद केजरीवाल भी बिहार चुनावों में एक बड़ा फैक्टर बनते दिख रहे हैं।
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लोकप्रियता में भी नीतीश से पिछड़े मोदी

सर्वे के अनुसार 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में भाजपा गठबंधन को 118 सीटें मिलती दिख रही हैं जबकि उसके मुकाबले नीतीश कुमार के नेतृत्व वाला महागठबंधन 122 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत पाता दिख रहा है।

वहीं अन्य दलों को मात्र तीन सीटों से ही संतोष करना पड़ेगा। वोट फीसदी के मामले में भी भाजपा गठबंधन खासा नुकसान में दिख रहा है। महागठबंधन को जहां 43 फीसदी वोट मिलने की संभावना जताई जा रही है वहीं भाजपा गठबंधन को 39 फीसदी वोट मिलने की बात कही जा रही है।

भाजपा गठबंधन को सबसे ज्यादा झटका उसकी सबसे बड़ी उम्‍मीद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम पर लगा है जो लोकप्रियता के मामले में सीएम नीतीश कुमार से पिछड़े दिख रहे हैं।

हैरत की बात ये है कि मई में हुए सर्वे में जहां पीएम मोदी नीतीश कुमार के 32 फीसदी के मुकाबले दोगुने 64 फीसदी लोगों की पसंद थे वहीं अब नीतीश उन्हें पीछे छोड़कर 52 फीसदी लोगों की पसंद बन गए हैं जबकि मोदी को पसंद करने वाले लोगों की संख्या 47 फीसदी ही रह गई है।

अरविंद केजरीवाल बन सकते हैं भाजपा का सिरदर्द

सर्वे में ज्यादातर लोगों ने माना है कि भाजपा को अपने सीएम पद के चेहरे का ऐलान कर देना चाहिए। 51 फीसदी लोगों ने कहा कि भाजपा को सीएम पद के चेहरे का ऐलान कर देना चाहिए जबकि 45 फीसदी ने कहा कि भाजपा को नरेंद्र मोदी के चेहरे पर ही चुनाव लड़ना चा‌हिए।

हालांकि राजग की ओर से सीएम पद के दावेदार माने जा रहे पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी को मात्र 43 फीसदी लोगों ने बेहतर सीएम माना है जबकि उनके विरोधी नीतीश कुमार 51 फीसदी लोगों की पसंद के साथ पहले नंबर पर जमे हुए हैं।

वहीं भाजपा के लिए सबसे बड़ी खतरे की घंटी ये ही है कि हालिया दिनों में उसके लिए सबसे मुश्किल चुनौती बनकर सामने आए दिल्‍ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी बिहार चुनावों में उसका सिरदर्द बन सकते हैं।
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जुलाई के मुकाबले में भाजपा ने किया कुछ सुधार

सर्वे में जब लोगों से पूछा गया कि क्या अरविंद केजरीवाल बिहारी वोटरों को महागठंधन के पक्ष में प्रभावित कर सकते हैं तो काफी संख्या में लोगों का जवाब हां में था।

सर्वे में भाजपा गठबंधन के लिए राहतभरी खबर ये है कि बीते जुलाई माह में हुए इसी सर्वे में वह अपनी सीटों और वोट फीसदी के मामले में कुछ सुधार करती दिख रही है।

जुलाई के सर्वे में नीतीश-लालू-कांग्रेस महागठबंधन के 129 सीट जीतने की संभावना जताई जा रही थी जिसे घटकर अब 122 पर पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। वहीं बीजेपी गठबंधन के 6 सीटों के फायदे के साथ 112 से बढ़कर 118 पर पहुंच जाने के आसार हैं।
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