बिहार में फिर से एनआईए की रेड पड़ी है। इस बार यह रेड कटिहार के हसनगंज थाना इलाके के मुजफ्फर टोला इलाके में पड़ी है। एनआईए की टीम ने यहां पर 3 घंटे तक छापेमारी की। टीम ने महबूब आलम नदवी के घर जाकर उसके परिजनों से पूछताछ की और कई दस्तावेज खंगाले। वहीं सूत्रों का कहना है कि एनआईए ने पूछताछ के लिए मोहम्मद नदवी के भाई मोहम्मद जावेद को अपने साथ ले गई है। NIA की टीम ने बिहार के अलावा कर्नाटक, केरल में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के करीब दो दर्जन ठिकानों पर छापामारी की है।
नदवी के रिश्तेदार के घर में भी छापेमारी
स्थानीय लोगों का कहना है कि बुधवार सुबह NIA की टीम लोकल पुलिस के साथ 3 गाड़ी से महबूब आलम नदवी के घर पहुंची। टीम ने घरवालों से पूछताछ की और कई दस्तावेज खंगाले। इसी बीच टीम के कुछ सदस्य महबूब आलम नदवी के रिश्तेदार नासिर हुसैन के घर में भी छापेमारी की। इस दौरान टीम कुछ कागजात अपने साथ लगी गई। बता दें कि एनआईए की टीम महबूब आलम नदवी के घर पहले भी चार बार छापेमारी कर चुकी है। इतना ही नहीं उसके घर पर पोस्टर भी चस्पा किया गया था, लेकिन अभी तक वह NIA की गिरफ्त में नहीं आया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि महबूब आलम नदवी प्रतिबंधित संगठन PFI का नेता है। फुलवारीशरीफ केस के बाद NIA की टीम उसकी तलाश कर रही है।
25 अप्रैल को यूपी, बिहार समेत 17 ठिकानों पर छापेमारी
बता दें कि इससे पहले 25 अप्रैल को NIA की टीम बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश समेत 17
ठिकनों पर छापेमारी की थी। टीम पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) से जुड़े लोगों के घर को खंगाल रही थी। बिहार के दरभंगा, मोतिहारी और में NIA की टीम PFI से जुड़े सदस्यों के खिलाफ छापेमारी करने आई थी। उस समय टीम ने दो लोगों को हिरासत में भी लिया था। दोनों के तार PFI से जुड़े होने के आरोप लगे थे।