मोइनुल हक़ स्टेडियम में फिर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच का लुत्फ मिल सकता है। पिछली सदी में यह हो चुका है। इस सदी में यह सूखा पड़ा था। झारखंड विभाजन के बाद 2018 में बिहार को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के मैचों में शामिल होने की अनुमति मिली। उसके बाद अब रणजी स्तर के मैच तक यहां खेले जा रहे हैं। अब अंतरराष्ट्रीय मैच हो सकें, इसके लिए स्टेडियम नव निर्माण पर तेजी से काम हो रहा है। बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (BCA) के साथ राज्य सरकार के खेल विभाग की बैठकों का दौर जारी है। एमओयू पर हस्ताक्षर होने के पश्चात् BCA इस प्रतिष्ठित स्टेडियम को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने की योजना पर कार्यरत है, ताकि यह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के मैचों की मेजबानी के लिए पूर्णत: सक्षम हो सके। BCA के अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना को जल्द ही मूर्त रूप दिया जाएगा और इसे निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
40 से 50 हजार दर्शकों के बैठने की व्यवस्था
BCA के अध्यक्ष राकेश तिवारी ने बताया कि स्टेडियम के पुनर्निर्माण के लिए आवश्यक सभी बदलाव किए जाएंगे, हालांकि मौजूदा ढांचे में बदलाव सीमित रह सकते हैं क्योंकि इसे पहले ही अंतिम रूप दे दिया गया है। इस परियोजना के अंतर्गत 40 से 50 हजार दर्शकों के बैठने की व्यवस्था, घरेलू और विजिटिंग टीमों के लिए आधुनिक ड्रेसिंग रूम, अत्याधुनिक पवेलियन, कॉर्पोरेट बॉक्स, मैच अधिकारियों के लिए विशेष क्षेत्र तथा ICC और BCCI बॉक्स में उच्च स्तरीय सुविधाओं को शामिल करने की योजना है, जिससे किसी भी प्रकार की कमी न रह सके और सभी कार्य योजना के अनुरूप क्रियान्वित किए जा सकें।
'
एक सम्पूर्ण खेल परिसर के रूप में विकसित किया जाएगा
राकेश तिवारी ने कहा कि स्टेडियम को एक सम्पूर्ण खेल परिसर के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसमें खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। दर्शकों के मद्देनजर सभी बारीकियों पर ध्यान रखते हुए प्रस्तावित प्रारूप और सुविधाओं के अनुसार आगे बढ़ने की योजना पर आज भी बैठक हुई। इस बैठक में अत्याधुनिक ड्रेसिंग रूम, उच्च स्तरीय शौचालय, शुद्ध पेयजल, स्विमिंग पूल, इंडोर क्रिकेट सुविधा, टेनिस कोर्ट, बैडमिंटन कोर्ट, बॉलीबॉल कोर्ट, पांच सितारा होटल, खिलाड़ियों के लिए हॉस्टल, रेस्टोरेंट, क्लब हाउस, बोर्ड रूम, कॉन्फ्रेंस हॉल, सेमिनार एवं वर्कशॉप हॉल, वीडियो विश्लेषण केंद्र, अत्याधुनिक जिम, स्पा, फिजियो रूम और कैंटीन जैसी सुविधाओं को शामिल करने पर चर्चा की गई। साथ ही, सभी व्यवस्थाओं पर गहन विचार-विमर्श कर सुझाव भी लिए जा रहे हैं, जिससे इस स्टेडियम को और बेहतर बनाया जा सके।
जानिए, मोइनुल हक स्टेडियम के बारे में
- 1969 में इसका निर्माण किया गया था।
- 17 से 19 नवंबर 1976 को भारत और वेस्टइंडीज की महिला टीमों के बीच तीन दिवसीय टेस्ट हुआ।
- 5 जनवरी 1978 को भारत और न्यूजीलैंड के बीच महिलाओं का पहला एक दिवसीय मैच खेला गया।
- 22 दिसंबर 1997 को भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच यहां आखिरी महिला वनडे मैच हुआ था।
- 15 नवंबर 1993 को जिम्बाब्वे-श्रीलंका के बीच यहां पहला पुरुष वनडे हीरो कप अंतरराष्ट्रीय मैच हुआ।
- 1996 में ही यहां एशियन स्कूली फुटबाल चैंपियनशिप हुई।
- 1996 में जिंबाब्वे और केन्या के बीच विश्व कप के मुकाबले यहां दो दिन में खेले गए।