यहीं बनता है जवानों का खाना।
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जवान निष्पक्ष जांच की कर रहे हैं मांग
जवानों ने बताया कि रविवार की सुबह पूरी, जलेबी और काबुली चना की सब्जी खाई थी। लेकिन दोपहर के खाने खाने से पहले ही सभी की तबीयत खराब होने लगी। हालांकि बार बार अनुरोध के बावजूद जवानों को इलाज के लिए बाहर जाने नहीं दिया जा रहा था। अंदर में ही लोग इलाज करते रहे। शाम होने के बाद वीरपुर जब तबियत ज्यादा बिगड़ी तो अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया।इसके बाद करीब 265 जवान भर्ती हुए और रात करीब डेढ़ बजे सभी को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। जवानों का आरोप है कि टेनिंग सेंटर में महज 400 अभ्यर्थियों की क्षमता वाले वर्ग कक्ष की व्यवस्था है। लेकिन भेड़ बकरियों के तरह इसी कक्ष में 935 जवानों को बैठा कर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जवान ने बताया कि फर्श पर बैठ कर किसी प्रकार प्रशिक्षण प्राप्त करना उनकी विवशता है। कैंप को इसी कुव्यवस्था के विरोध में जवानों ने सोमवार के सुबह से भूख हड़ताल शुरू कर दिया है। हालांकि कैंप में जवानों के लिए भोजन बन कर तैयार है। लेकिन प्रशिक्षु जवान पूरे मामले की जांच होने तक भूख हड़ताल की जिद पर अड़े हुए हैं। जवानों की डीआईजी और आईजी से भीमनगर पहुंच कर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
बीएसएपी जवानों का भूख हड़ताल 8 घंटे बाद खत्म
बीएसएपी जवानों का भूख हड़ताल 8 घंटे बाद खत्म हो गया। हड़ताल की घोषणा होने के बाद दोपहर करीब 2 बजे बीएसएपी के मुजफ्फरपुर डीआईजी सफीकुल हक भीमनगर पहुंचे। वहां हालातों का जायजा लेने के बाद डीआईजी ने जवानों से भी लंबी बातचीत की। इस दौरान उचित कार्रवाई के आश्वासन पर शाम करीब 4 बजे जवानों का भूख हड़ताल समाप्त हुआ। डीआईजी ने पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए प्राथमिकी दर्ज कराने के आदेश दिए हैं, जिसके बाद जवानों का भूख हड़ताल समाप्त हो सका है। इससे पहले जवानों ने डीआईजी के समक्ष भी लगातार घटिया भोजन और शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने की बात दोहराई। हालांकि ट्रेनिंग कैंप से जुड़े अधिकारी इस दौरान भी खुल कर कुछ बोलने से परहेज करते रहे। डीआईजी ने भी माना कि कैंप में कई तरह की कमियां पाई गई हैं, जिसे तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। मेस का संचालन अब जवानों के जिम्मे रहेगा और मेनू में भी जरूरी बदलाव किया जायेगा, इस बात पर सहमति बनी है।
एफएसएल टीम ने कैंप से जुटाए जरूरी सैंपल
एसपी ने बताया कि घटना से संबंधित साक्ष्य संकलन हेतु एफएसएल के पदाधिकारी को घटनास्थल पर भेजा गया। जहां उनके द्वारा खाना बनाने में प्रयुक्त मसाला, तेल एवं प्रशिक्षु द्वारा उल्टी किया हुआ तरल पदार्थ को विधिवत संग्रह किया गया। प्रशिक्षु सिपाहियों द्वारा कपड़े के एक पोटली में रखा हुआ संदिग्ध पदार्थ प्रस्तुत किया गया है। वहीं बीएसएपी के उत्तरी मंडल के डीआईजी मुजफ्फरपुर ने बीएसएपी-12 के कैंप पहुंच कर घटना के संबंध में जानकारी प्राप्त की और अब आवश्यक कार्रवाई कर रहे हैं। इस घटना के संबंध में कैंप प्रशासन द्वारा प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही है। इधर, भीमनगर थानाध्यक्ष दीपक कुमार ने बताया के ट्रेनिंग कैंप के प्रशिक्षण प्रभारी पीटीए की ओर से प्राप्त आवेदन के आधार पर सनहा दर्ज किया जा रहा है। पुलिस जांच शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान मिलने वाले तथ्यों के आधार पर अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी।