मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ उपेन्द्र कुशवाहा और मनन कुमार मिश्रा।
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भारतीय जनता पार्टी ने राज्य सभा के लिए सुप्रीम कोर्ट के बीसीआई के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा को अपना उम्मीदवार बनाया था, जो आज निर्विरोध चुने गए हैं। राज्यसभा में उपेंद्र कुशवाहा का कार्यकाल दो वर्ष का रहेगा और मनन मिश्रा का कार्यकाल चार वर्षों का होगा। राष्ट्रीय जनता दल की मीसा भारती और भारतीय जनता पार्टी के नेता विवेक ठाकुर के लोकसभा चुनाव जीतने के बाद यह दोनों सीटें खाली हो गई थीं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से की मुलाकात
उपेन्द्र कुशवाहा और मनन कुमार मिश्रा मुख्यमंत्री आवास पर पहुंचे और उनसे मुलाकात की। इस मौके पर वहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय चौधरी और भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल भी मौजूद थे। सभी लोगों ने उपेन्द्र कुशवाहा और मनन कुमार मिश्रा को राज्य सभा का सदस्य बनने पर बधाई दी। फिर मनन कुमार मिश्रा और उपेंद्र कुशवाहा विधानसभा भी पहुंचे। उपेन्द्र कुशवाहा के साथ उनके समर्थक भी थे, जो उनके जीत की ख़ुशी में लगातार नारेबाजी कर रहे थे।
सदन में मजबूती से उठाऊंगा सवाल
उपेन्द्र कुशवाहा और मनन मिश्रा को विजय का सर्टिफिकेट दिया गया। फिर उपेन्द्र कुशवाहा अपने समर्थकों से भी मिले। इस मौके पर उपेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि इसके लिए मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार धन्यवाद देता हूं। उन्होंने कहा कि मैं पहले के तरह ही शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार का मुद्दा सदन में उठाता रहूंगा। उन्होंने यह भी कहा कि वंचितों, पिछड़ों और सामान्य जाति के गरीब लोगों का सवाल भी मैं मजबूती से उठाऊंगा।
सरकार और न्यायपालिका के बीच अच्छा तालमेल होगा
मनन कुमार मिश्रा ने कहा कि कोलिजियम सिस्टम में कोई बुराई नहीं है बल्कि उसमें थोड़ी बहुत सुधार की जरुरत है। भारतीय जनता पार्टी ने मुझे यह जिम्मेदारी इसलिए दी है क्यों कि सरकार और न्यायपालिका के बीच अच्छा तालमेल रहे। केन्द्रीय टीम के मार्गदर्शन में काम करुंगा। लगे हाथ उन्होंने कांग्रेस पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि कांग्रेसियों से जो लोग दिग्भ्रमित हुए थे, उन सब की अब आँखें खुल गई हैं। 2025 में होने वाले बिहार विधान सभा चुनाव के परिणाम भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में आयेंगे।
बिहार की 16 में से 10 सीटें अब एनडीए के पास
राज्य सभा में एनडीए के खाते में अब कुल दस सीट हो गये हैं, जबकि विपक्ष के पास 6 सीट हैं। भारतीय जनता पार्टी के पास कुल छह सीट हैं। जनता दल यूनाइटेड के पास चार सीट हैं और अब उपेन्द्र कुशवाहा के जीतने के बाद राष्ट्रीय लोक मोर्चा के पास एक सीट हो गई है। यानी राज्य सभा में बिहार के कुल 16 सांसदों में एन डी ए के पास पास 10 जबकि विपक्ष के पास 6 सीट हैं जिसमें राष्ट्रीय जनता दल के पास पांच और कांग्रेस के पास एक सीट है।