दरभंगा, विश्वविद्यालय थानाक्षेत्र के आजमनगर स्थित लुच्चीबाड़ा मोहल्ला में आनर किलिंग का मामला सामने आया है। घर वालों ने सोमवार की देर शाम एक नाबालिग लड़की की गला रेतकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को घर में बंदकर सभी लोग फरार हो गए। घटना की सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने गेट तोड़कर शव को बरामद कर लिया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए डीएमडीएच भेज दिया।
ऐसे खुला मामला
सूरज महतो के घर में ताला लगा हुआ देख आस-पास के लोगों को संदेह हुआ। संदेह इस वजह से हुआ क्यों कि आसपास के लोगों ने परिवार के सदस्यों को आननफानन में भागते हुए देख जब कारण जानने की कोशिश की तो किसी ने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद लोग जब उसके घर पहुंचे तो ताला लगा हुआ पाया। मुहल्लावासियों को किसी अनहोनी होने का संदेह हुआ, इस वजह से पड़ोसियों ने तत्काल विश्वविद्यालय थाना की पुलिस को घटना की सूचना दी। घटना की सूचना मिलते ही सदर एसडीपीओ अमित कुमार के नेतृत्व में विश्वविद्यालय थाना की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और गेट को तोड़कर अंदर प्रवेश कर गई। अंदर जाते ही पुलिस सन्न रह गई। घर के अंदर सूरज महतो की 16 वर्षीय पुत्रीअर्चना कुमारी का गर्दन कटा हुआ शव बरामद पड़ा था।
इस वजह से घर वालों ने ही लड़की की गला रेत दी
घर में लड़की की लाश मिलने की खबर सुनते ही पूरे मोहल्ले में सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि अर्चना के प्रेम-प्रेसंग से घर वाले काफी नाराज चल रहे थे। इसलिए ऐसा मुमकिन है कि घर वालों ने ही अर्चना की गला रेतकर हत्या कर दी।
पुलिस ने भी माना ऑनर किलिंग का मामला
घटना के संबंध में सदर एसडीपीओ ने बताया कि बन्द घर के दरवाजे को तोड़कर लड़की के गर्दन कटे हुए शव को बरामद कर लिया गया है। जबकि लड़की के घर के सभी लोग फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। सदर एसडीपीओ का कहना है कि प्रथम दृष्टया में ऑनर किलिंग का मामला प्रतीत होता है। इस दिशा में आगे की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि आस-पास के लोग भी कुछ भी बताने से परहेज कर रहे हैं।
अंधेरा होने का कर रहे थे इंतजार
मोहल्ले के लोगों ने बताया कि सूरज महतो और उसके दूसरे पुत्र रोशन महतो कहीं बाहर रहता है। घर पर सूरज की पत्नी सहित बड़े पुत्र मुनचुन महतो और छोटे पुत्र बिट्टू के साथ दोनों बेटी रहती थी। इसमें एक बेटी अर्चना की गला रेतकर हत्या कर दी गई। मुनचुन घर पर रहकर व्यवसाय करता है और बिट्टू शविधारा पर आर्मी का ट्रेनिंग सेंटर चलाता है। हालांकि, हत्या में कौन-कौन लोग शामिल थे यह अब तक स्पष्ट नहीं हो सका है। उधर, पुलिस का कहना है कि वारदात को चार घंटे पहले ही अंजाम दिया गया था। सभी अंधेरा होने का इंतजार कर रहे थे, ताकि शव को ठिकाना लगाया जा सके। हालांकि, उससे पहले पुलिस ने शव को बरामद कर लिया।