नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और अन्य लोग
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नेता प्रतिपक्ष ने बिहार विधान मंडल बजट सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण पर हमला बोला है। राष्ट्रीय जनता दल कार्यालय में प्रेस वार्ता कर तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार की नीतियों की तीखी आलोचना की। तेजस्वी यादव ने बजट में वृद्धा पेंशन योजना की राशि बढाई की मांग की। साथ 'माई-बहन मान' योजना को कॉपी करने की नसीहत भी दे दी। इतना ही नहीं उन्होंने राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के अभिभाषण को सतही और वास्तविकता से परे बताया। तेजस्वी यादव ने कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण जनता की समस्याओं को संबोधित करने में विफल रहा।
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि राज्यपाल का भाषण सरकार की उपलब्धियों का अतिशयोक्तिपूर्ण चित्रण है, जो जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाता। डबल इंजन वाली सरकार की नीतियां गरीबों, किसानों और युवाओं के हित में नहीं हैं, और यह बजट केवल आंकड़ों का खेल है। उन्होंने बिहार में विकास कार्यों की धीमी गति और भ्रष्टाचार के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त की।
तेजस्वी यादव ने कहा कि हमलोग चाहते हैं सरकार बजट में वृद्धा पेंशन, दिव्यांगों के लिए पेंशन को 400 रुपये से बढ़ाए। पिछले 20 साल में सीएम नीतीश कुमार ने इस 400 रुपये की राशि नहीं बढ़ाई है। महंगाई इतनी बढ़ गई है लेकिन सरकार ने गरीब बुजुर्गों को मिलने वाली राशि में बढ़ोतरी नहीं हुई। तेजस्वी यादव ने कहा कि सीएम नीतीश कुमार को भारत सरकार का डाटा पढ़ना चाहिए। नेशनल फैमल हेल्थ सर्वे के अनुसार, देश में सबसे अधिक 65 फीसदी माताएं-बहनों को खून की कमी है। सबसे ज्यादा बौनेपन के शिकार बिहार के बच्चे ही हो रहे हैं। महंगाई सबसे ज्यादा है। हर घर से एक युवा पलायन कर रहा है। सारा घर का भार महिलाओं पर ही है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि लोगों का चूल्हा नहीं जल रहा है। इसलिए सरकार बजट में कम से कम 500 रुपये ही गैस देने का एलान करे। नियुक्ति पत्र वितरण में भी सीएम नीतीश कुमार को तेजी लानी चाहिए। जातीय गणना में 94 लाख की आया छह हजार रुपये से कम है। हमलोगों ने उन्हें दो-दो लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की मांग की। भूमिहीनों के लिए भी अलग व्यवस्था की है। हमलोग पूरा बिहार घूम कर आए हैं। संवाद किए। तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि हमलोगों को अधिकारी घेर कर नहीं रखे हैं। ऐसा लगता है मानो अणे मार्ग में बैठे हैं। तेजस्वी यादव ने आरक्षण के मुद्दे पर भाजपा पर हमला बोला है।