तेजस्वी यादव अपने पिता लालू प्रसाद यादव और अपनी पत्नी के साथ विदेश से लौटने पर एअरपोर्ट पर फिर भाजपा पर भड़के। उन्होंने नौकरी के बदले जमीन लेने के मामले में हुए चार्जशीट के संबंध में उन्होंने कहा कि यह कोई चार्ज सीट नहीं है, पहला चार्ज सीट 2017 हुआ और अब 2023 में हुआ उसमें एजेंसिया कहां थी। उन्होंने कहा कि जब हम लोग भाजपा को हराते हैं और भगाते हैं तब चार्जशीट, छापा से एजेंसियों का दुरुपयोग किया जाता है।
केस में नहीं है कोई दम
तेजस्वी यादव ने कहा कि इस केस में कोई दम नहीं है, इसमें कुछ नहीं होने वाला है। यह केवल न्यूज़ ब्रेकिंग और टीआरपी के लिए इमेज को बदनाम करने के लिए इनलोगों के द्वारा साजिश किया जाता है। तेजस्वी यादव ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार सरकार मजबूती से चल रही है। उन्होंने कहा कि महागठबंधन इसलिए बना ही था कि देश के संविधान को बचाए, विकास के रास्ते पर हमलोग चलें इसलिए गठबंधन देश के हित के लिए बना है।
यह प्रोपेगेंडा है
पूरे देश में विपक्ष के लोगों को जोड़ने का काम करेंगे, एकजुट होंगे। पहली मीटिंग पटना में कोई है। पटना क्रांतिकारी धरती रही है। भाजपा के लोगों में सबसे ज्यादा बेचैनी और दर्द है। भाजपा के लोग तो लालू जी से ही डरते हैं ना सबसे ज्यादा। अभी बिहार के परिणाम को देखकर भाजपा वाले घबराहट में है। इसलिए कुछ मीडिया हाउस के लोग भाजपा के प्रवक्ता की तरह एक प्रोपेगेंडा फैला रहे है। यह प्रोपेगेंडा है।
भाजपा का करेंगे सर्जरी
तेजस्वी यादव ने कहा कि बीजेपी का मतलब ही है भारतीय झूठा पार्टी।नीतीश जी के नेतृत्व में महागठबंधन पार्टी मजबूती से चल रहा है। नीतीश जी लालू जी, लोहिया और कर्पूरी जी के शिष्य रहे हैं। हम लोग भाजपा से डरने वाले लोग नहीं हैं। अभी तो हम लोग एकजुट हो रहे हैं। तेजस्वी यादव ने कहा कि जब एकजुट होकर इन भाजपा वालों का सर्जरी किया जाएगा तो यह लोग कहां-कहां फेंकायेंगे पता नहीं चलेगा।