जीत की ख़ुशी जाहिर करते स्कूल के छात्र
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सकारात्मक प्रतिभा को संवारना हमारा उद्देश्य
एक साथ दोनों विंग में चल रहे कार्यक्रम के बीच संत माइकल हाई स्कूल के प्राचार्य फादर क्रिस्टु सवरीराजन एसजे ने 'अमर उजाला' से बातचीत में कहा- "पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों के अतिरिक्त सकारात्मक एक्टिविटी को बढ़ावा देना भी हमारा उद्देश्य होता है। बच्चों के लिए पढ़ाई बहुत जरूरी है, लेकिन साथ ही उन बच्चों में छिपी हुई अतिरिक्त प्रतिभा को भी महत्व देना चाहिए। बच्चे कई बार अपने अंदर छिपी प्रतिभा को पहचान नहीं पाते हैं। ऐसे अवसरों के जरिए यह प्रयास किया जाता है। संत माइकल स्कूल का रिजल्ट हमेशा बहुत ही शानदार होता है, क्योंकि विद्यालय का माहौल और तरीका कुछ अलग है। शिक्षक बच्चों को पारिवारिक माहौल में पढ़ाते हैं, जिस वजह से बच्चे शिक्षकों के बहुत करीब हो जाते हैं। आत्मीय लगाव के कारण बच्चों और शिक्षकों में एक अनूठा संबंध स्थापित हो जाता है। बच्चों को बताया जाता है कि वह किस तरह पढ़ें। उद्देश्य सिर्फ अच्छे अंक लाना ही नहीं, बल्कि उन्हें एक आदर्श नागरिक बनाना भी है। एल्युमिनाई मीट में जब आईएएस, आईपीएस और डॉक्टर-इंजीनियर के साथ ख्यातिप्राप्त समाजसेवी आते हैं तो यह प्रमाण सामने आ जाता है।"
जूनियर विंग के बच्चे साइंस एग्जीबिशन दिखाते हुए।
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संत माइकल हाई स्कूल फुटबॉल चैंपियन
संत माइकल हाई स्कूल ने सेंट इग्नेशियस ऑफ लोयोला इंटर स्कूल फुटबॉल टूर्नामेंट की मेजबानी की। इस टूर्नामेंट में पटना के 15 स्कूलों ने हिस्सा लिया। फाइनल मैच के अंत में मुख्य अतिथि शीर्षत कपिल अशोक ने बच्चों को उनके खेल और निष्पक्ष खेल भावना के लिए बधाई दी। संत माइकल टीम ने फुटबॉल टूर्नामेंट के अंतिम और निर्णायक मुकाबले में दिल्ली पब्लिक स्कूल पटना को हराया। हाई स्कूल के प्राचार्य फादर क्रिस्टु सवरीराजन एसजे ने खिलाड़ियों के प्रयास और टीम भावना पर विशेष रूप से उनकी सराहना की। उन्होंने कहा कि किसी भी खेल में निष्पक्ष रहना और खेल भावना बहुत महत्वपूर्ण है।