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School News : 15 स्कूलों के फुटबॉल टूर्नामेंट में संत माइकल विजेता; IAS शीर्षत कपित और प्राचार्य ने क्या कहा

Sat, 27 Jul 2024 07:14 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Patna News : बिहार के सबसे बड़े मिशनरी स्कूल में आयोजित फुटबॉल टूर्नामेंट में पटना के 15 स्कूलों की टीमों ने जलवा दिखाया। शनिवार को इसका फाइनल हुआ। संत माइकल स्कूल में शनिवार को ही छात्र-छात्राओं ने मॉडल प्रदर्शनी भी लगाई थी।
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संत माइकल हाई स्कूल के प्राचार्य फादर क्रिस्टु सवरीराजन एसजे और प्रशासनिक अधिकारी शीर्षत कपिल अशोक। - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
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विस्तार
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राज्य के सबसे बड़े और पटना के सबसे प्रतिष्ठित मिशनरी स्कूल संत माइकल में शनिवार का दिन बच्चों के उत्साह का था। एक तरफ जूनियर विंग में साइंस एग्जीबिशन और सामाजिक विज्ञान प्रदर्शनी चल रही थी, वहीं सीनियर विंग में भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी शीर्षत कपिल अशोक की मौजूदगी में सेंट इग्नेशियस ऑफ लोयोला इंटर स्कूल फुटबॉल टूर्नामेंट चल रहा था। जूनियर विंग में चौथी और पांचवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं ने एक से बढ़कर एक मॉडल बनाकर पृथ्वी को बचाने, हरियाली बढ़ाने, पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों के उपयोग आदि को वैज्ञानिक अंदाज में दिखाया। सीनियर विंग में तीन दिवसीय फुटबॉल टूर्नामेंट के समापन पर मेजबान संत माइकल के विजेता बनने पर उत्साह और बढ़ गया। मुख्य अतिथि बिहार राज्य पथ विकास निगम के प्रबंध निदेशक और पटना के पूर्व जिलाधिकारी शीर्षत कपिल अशोक ने फुटबॉल टूर्नामेंट की विजेता टीम संत माइकल और उप विजेता डीपीएस पटना को पुरस्कृत किया।

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जीत की ख़ुशी जाहिर करते स्कूल के छात्र - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
सकारात्मक प्रतिभा को संवारना हमारा उद्देश्य 
एक साथ दोनों विंग में चल रहे कार्यक्रम के बीच संत माइकल हाई स्कूल के प्राचार्य फादर क्रिस्टु सवरीराजन एसजे ने 'अमर उजाला' से बातचीत में कहा- "पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों के अतिरिक्त सकारात्मक एक्टिविटी को बढ़ावा देना भी हमारा उद्देश्य होता है। बच्चों के लिए पढ़ाई बहुत जरूरी है, लेकिन साथ ही उन बच्चों में छिपी हुई अतिरिक्त प्रतिभा को भी महत्व देना चाहिए। बच्चे कई बार अपने अंदर छिपी प्रतिभा को पहचान नहीं पाते हैं। ऐसे अवसरों के जरिए यह प्रयास किया जाता है। संत माइकल स्कूल का रिजल्ट हमेशा बहुत ही शानदार होता है, क्योंकि विद्यालय का माहौल और तरीका कुछ अलग है। शिक्षक बच्चों को पारिवारिक माहौल में पढ़ाते हैं, जिस वजह से बच्चे शिक्षकों के बहुत करीब हो जाते हैं। आत्मीय लगाव के कारण बच्चों और शिक्षकों में एक अनूठा संबंध स्थापित हो जाता है। बच्चों को बताया जाता है कि वह किस तरह पढ़ें। उद्देश्य सिर्फ अच्छे अंक लाना ही नहीं, बल्कि उन्हें एक आदर्श नागरिक बनाना भी है। एल्युमिनाई मीट में जब आईएएस, आईपीएस और डॉक्टर-इंजीनियर के साथ ख्यातिप्राप्त समाजसेवी आते हैं तो यह प्रमाण सामने आ जाता है।"
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जूनियर विंग के बच्चे साइंस एग्जीबिशन दिखाते हुए। - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
संत माइकल हाई स्कूल फुटबॉल चैंपियन 
संत माइकल हाई स्कूल ने सेंट इग्नेशियस ऑफ लोयोला इंटर स्कूल फुटबॉल टूर्नामेंट की मेजबानी की। इस टूर्नामेंट में पटना के 15 स्कूलों ने हिस्सा लिया। फाइनल मैच के अंत में मुख्य अतिथि शीर्षत कपिल अशोक ने बच्चों को उनके खेल और निष्पक्ष खेल भावना के लिए बधाई दी। संत माइकल टीम ने फुटबॉल टूर्नामेंट के अंतिम और निर्णायक मुकाबले में दिल्ली पब्लिक स्कूल पटना को हराया। हाई स्कूल के प्राचार्य फादर क्रिस्टु सवरीराजन एसजे ने खिलाड़ियों के प्रयास और टीम भावना पर विशेष रूप से उनकी सराहना की। उन्होंने कहा कि किसी भी खेल में निष्पक्ष रहना और खेल भावना बहुत महत्वपूर्ण है।
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