विरोध प्रदर्शन करते ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
दिन में भी हुआ था विरोध
ग्रामीणों का कहना है कि अशोक चौधरी के गांव आने की सूचना दिन में ही लग गई थी, जिसके बाद ग्रामीणों ने तत्काल दिन में भी उनके गांव में आने का विरोध किया था। फिर शाम में जब वह गांव में आये तब फिर लोगों ने उनका विरोध किया। हालांकि लोगों के विरोध को दबाने के लिए पुलिस ने गांव वालों को खदेड़ा भी लेकिन विरोध इतना हो गया था कि अशोक चौधरी को जनसंपर्क अभियान को स्थगित कर वापस लौटना पड़ गया।
ग्रामीणों को भड़काया गया है
इस मामले पर मंत्री अशोक चौधरी के करीबियों का कहना है कि गांव वालों को मंत्री अशोक चौधरी के खिलाफ भड़काने का काम किया गया है। यह गांव के दो गुटों का आपसी मामला है। इसमें मंत्री अशोक चौधरी की तरफ से किसी प्रकार का कोई हस्तक्षेप नहीं किया गया है। उनका कहना है कि नाराज लोगों से मिलकर जल्द मामले का निपटारा किया जाएगा।