निरीक्षण करने पहुंचे प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल।
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सुपौल के वीरपुर पहुंचे जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल ने अभियंताओं के साथ रविवार को भीमनगर कोसी बराज का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने वहां की पूरी कार्यप्रणाली और समस्याओं की जानकारी ली। साथ ही अभियंताओं को जरूरी निर्देश भी दिए। प्रधान सचिव ने कहा कि बराज के अप और डाउन स्ट्रीम में अत्यधिक मात्रा में शिल्ट जमा है। जिसकी वजह से कोसी नदी का जो डिस्चार्ज है और बराज का जो डिस्चार्ज है, वह भी प्रभावित हो रहा है। इसके लिए नई योजना बना कर सिल्ट को बेहतर तरीके से हटाने का काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिस दिन बराज से 6 लाख 61 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, उस दिन कई ब्लॉक के टकराने से बराज के कुछ पॉइंट्स डैमेज हुए हैं। इन्हें जल्द ही रिपेयर कर लिया जाएगा। बराज का स्ट्रक्चर पूरी तरह सुरक्षित है।
बराज के दोनों ओर से सिल्ट हटाना बेहद जरूरी
प्रधान सचिव ने कहा कि उन्होंने बराज का फाटक खुलवा कर नदी के बहाव को समझने की कोशिश की है। पटना में बैठ कर इसे समझना आसान नहीं है। बराज के दोनों ओर कोसी नदी में 4-4 किलोमीटर की दूरी में जमा सिल्ट को हटाने की जरूरत है। बराज के फाटक के पास पानी के दवाब की वजह से सिल्ट जमा नहीं होता है। लेकिन अप स्ट्रीम और डाउन स्ट्रीम यानी बराज के दोनों ओर सिल्ट जमा होकर टीला बन जाता है, जो नदी के बहाव को रोकता है। बड़े पैमाने पर सिल्ट हटाने का काम होगा।
नए बराज की घोषणा कर चुकी है केंद्र सरकार
एक सवाल के जवाब में प्रधान सचिव ने कहा कि भारत सरकार द्वारा जुलाई 2024 के बजट में कोसी में नए बराज के निर्माण को लेकर घोषणा हुई है। इसको लेकर भी आगे काम होना है। फिलहाल, अगले 5-6 महीने में कोसी बराज का स्टार्टर सिस्टम आधुनिक तरीके से अपडेट हो जाएगा। इसके लिए सिल्टेशन हटाने के अलावा भी अन्य कई कार्यों को स्वीकृति दी जाएगी।
31 दिसंबर तक पूरा हो जाएगा फिजिकल मॉडलिंग सेंटर का निर्माण
इससे पहले उन्होंने वीरपुर में देश के दूसरे सबसे बड़े फिजिकल मॉडलिंग सेंटर का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमारी पूरी कोशिश है कि इसका सारा सिविल वर्क 31 दिसंबर तक पूरा कर लें। इसमें आईटी और वर्कशॉप के स्टेबलिस्टमेंट का काम बाकी है। इन सभी कार्यों को 31 दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि फिजिकल मॉडलिंग सेंटर में 100 पद सृजित किए गए हैं। हाल ही में सरकार द्वारा इसकी स्वीकृति विभिन्न पदों पर दी गई है। जल्द से जल्द उन लोगों की तैनाती भी हम लोग करेंगे। जिससे वे लोग इसका आगे का काम संभालें। मौके पर बाढ़ नियंत्रण चीफ इंजीनियर वरुण कुमार सहित अन्य मौजूद थे।