फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar News: रोहिणी आचार्य ने पीएम मोदी और सीएम नीतीश पर बोला हमला, 11 साल के कार्यकाल को लेकर ऐसा लिखा

Tue, 10 Jun 2025 04:36 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar News: राजद नेत्री रोहिणी ने सीएम नीतीश कुमार और पीएम नरेंद्र मोदी पर जमकर हमला बोला। उन्होंने मोदी सरकार की पिछले 11 साल के कार्यकाल पर भी हमला बोला। साथ ही बिहार में बढ़ते अपराध को लेकर भी सरकार को घेरा।
विज्ञापन
लालू यादव के साथ उनकी बेटी रोहिणी आचार्य। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बाद अब उनकी बेटी रोहिणी आचार्य ने एनडीए सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया पर मोदी और नीतीश कुमार सरकार पर कई आरोप लगाए। सीएम नीतीश कुमार पर तंज कसते हुए रोहिणी ने लिखा कि "कुर्सी पकड़ कुमार" बेबस व् दिमागी रूप से लाचार हैं। पुलिस और सरकार अपराधियों के सामने घुटने टेक चुकी है। अब केवल सुशासन का झूठा प्रचार चल रहा है। यह अपराध के बोलबाले वाला बिहार है। रोहिणी ने आगे लिखा कि चहुंओर अपराध है। गोलियों की बौछार है। पुलिस से ज्यादा अपराधी वजनदार है। यही है नीतीशे कुमार जी के शासन में बिहार का सूरत-ए-हाल।
विज्ञापन


मोदी सरकार के 11 साल बीत गए
राजद नेत्री रोहिणी आचार्य ने पीएम मोदी के 11 साल के कार्यकाल पर भी निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि नेहरू जी, इंदिरा जी, यूपीए की सरकारों की उपलब्धियों में जबरिया खोट निकालते-निकालते, पूर्ववर्ती सरकार की उपलब्धियों को अपना बताते-बताते ही मोदी सरकार के 11 साल बीत गए। इन 11 सालों में कुछ ऐसा किया ही नहीं जिसे यह सरकार बेमिसाल बता सके। 
लालू ने आंकड़े दिखा NDA सरकार पर बोला हमला, कहा- नीतीश-भाजपा ने विधि व्यवस्था का अंतिम संस्कार कर दिया
विज्ञापन
विज्ञापन


अपनी पीठ खुद ही थपथपाने का सिलसिला जारी
रोहिणी ने आरोप लगाया कि "देश की जमीन पर विदेशी अतिक्रमण, सीमा पार से धड़ल्ले से घुसपैठ जारी है। अनवरत आतंकवाद का प्रहार है। कमरतोड़-बेलगाम महंगाई है। बेहिसाब बेरोजगारी है। डॉलर के मुकाबले दिन-ब-दिन कमजोर होता रुपया, देश पर विदेशी कर्जे का ऐतिहासिक बोझ है। गलत विदेश के कारण नीति से भारत वैश्विक पटल पर अलग-थलग पड़ गया है। पूर्वोत्तर के राज्य मणिपुर में पिछले दो वर्षों से अराजकता कायम है। संवैधानिक संस्थाओं-व्यवस्थाओं पर कब्जे की कोशिशें, संविधान को बदलने की कुत्सित मंशा, विपक्ष के खिलाफ सरकारी एजेंसियों का बेवजह इस्तेमाल, सैन्य-बलों के पराक्रम और सेना के अभियानों को अपना श्रेय बता चुनावी-राजनीतिक फायदा लेने की कवायदें"। यही सब तो पिछले 11 सालों में देश को मोदी सरकार से मिला है। मगर बड़ी बेशर्मी से अपनी पीठ खुद ही थपथपाने का सिलसिला जारी है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें