Election 2024 : बिहार कांग्रेस और लालू यादव की पार्टी राजद को बड़ा झटका भाजपा ने दिल्ली से दिया। प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अनिल शर्मा ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। उनके साथ राजद के औरंगाबाद से लोकसभा में प्रत्याशी रहे उपेंद्र प्रसाद ने भी सदस्यता ग्रहण की।
लोकसभा चुनाव को लेकर दल बदल का दौर जारी है। दो दिन पहले ही भाजपा सांसद अजय निषाद ने कांग्रेस में शामिल होकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को झटका दिया था। वहीं आज कांग्रेस के वरीय नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अनिल शर्मा और राजद नेता रहे उपेंद्र प्रसाद ने इंडी गठबंधन को झटका दिया है। दोनों नेताओं ने भाजपा का दामन थाम लिया है। बिहार भाजपा के प्रभारी विनोद तावड़े ने दोनों नेताओं को पार्टी की सदस्यता दिलाई।
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कांग्रेस की कथनी और करनी में अंतर
बता दें कि अनिल शर्मा ने 31 मार्च को कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफ़ा दे दिया था। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस की कार्यशैली को देखकर ऐसा लगता है कि इनके कथनी और करनी में बहुत अंतर है। उन्होंने कहा कि नाम का तो लोकतांत्रिक चुनाव हुआ, लेकिन सच्चाई में वह चुनाव नहीं हुआ। कम से कम सीताराम केसरी जी बिहार के थे, वह तो 92% वोट से जीते थे, लेकिन आंतरिक लोकतंत्र जिस पार्टी का खुद नहीं है, वह लोकतंत्र बचाने की लड़ाई करती है या लड़ाई लड़ती है। स्वाभाविक है इस बात को जनता समझेगी कि कांग्रेस की कथनी और करनी में कितना अंतर है।
राहुल गांधी पर भी निशाना साधा था
कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अनिल शर्मा ने राहुल गांधी के मोहब्बत की दुकान वाली बात पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा नाम देकर कन्याकुमारी से यात्रा शुरू किये। इस यात्रा के दौरान एक नारा निकला मोहब्बत की दुकान। मैं समझता हूं कि अगर सचमुच में राहुल गांधी जी मोहब्बत की दुकान का असर देखना चाहते थे और उसे जनता को लाभान्वित करना चाहते हैं या चाहते थे तो राहुल गांधी जी को जम्मू कश्मीर, जहां आतंक की पराकाष्ठा है, जहां एक समुदाय सिर्फ और सिर्फ घृणा की राजनीति करता है नफरत की राजनीति करता है, ऐसी सोच रखता है, वहां जाकर राहुल गांधी जी को मोहब्बत की दुकान लगानी चाहिए थी।