नवरात्र में उपवास रखते हुए प्रशिक्षण के लिए पहुंच रहे शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शिक्षकों का कहना है कि उपवास के दौरान जब सनातन धर्म के लोग सात्विकता का बहुत ज्यादा ख्याल रखते हैं, सरकार ने एक साजिश के तहत यह ट्रेनिंग रख दी है। भाजपा ने शिक्षकों की इस आवाज को ताकत देते हुए कहा है कि राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के इशारे पर सनातन के खिलाफ यह सब किया जा रहा है।
'सरकार दुर्गा पूजा के बाद करवाए प्रशिक्षण'
TPSS संयोजक राजू सिंह ने कहा कि दुर्गा पूजा के दौरान आज 16 अक्तूबर से 21 अक्तूबर तक प्रशिक्षण की व्यवस्था विभाग के द्वारा की गई है। इसको लेकर शिक्षकों में नाराजगी है। शिक्षकों के पूजा-पाठ में व्यवधान उत्पन्न हो गया है। नवरात्र के दरम्यान शिक्षक विशेष सात्विकता का ध्यान रखते हैं, लहसुन-प्याज वर्जित करते हैं। सेंधा नमक का प्रयोग करते हैं। और आलम यह है कि यहां प्रशिक्षण संस्थान में पूजा करने का कोई स्थान भी निर्धारित नहीं किया गया है। इन तमाम बातों को लेकर कर के शिक्षकों में आक्रोश व्याप्त है।
उन्होंने कहा कि हमको प्रशिक्षण लेने में कोई आपत्ति नहीं है। हम विभाग और सरकार से मांग करते हैं कि इस प्रशिक्षण को दुर्गा पूजा के बाद आयोजित करवाया जाए। यही हमारी मांग है, सरकार अविलंब इसको लेकर कदम उठाए। आज सूबे के तमाम प्रशिक्षण संस्थानों में भूखे रहकर शिक्षक अपनी नाराजगी प्रकट कर रहे हैं। अगर सरकार जल्द इस आदेश को वापस नहीं लेगी तो संगठन इस प्रशिक्षण को लेकर के आंदोलन की वृहत घोषणा करेगा।
'सनातनी शिक्षकों के लिए तुगलकी आदेश आ गया'
वहीं, भाजपा ने कहा कि रमजान में शिक्षकों को जल्दी छुट्टी देने वाली सरकार ने आखिर क्या सोचकर नवरात्र के दौरान ऐसा किया, यह समझना मुश्किल नहीं। भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता कुंतल कृष्णन ने कि बिहार शिक्षा विभाग के पिछले कुछ दिनों के आदेश लालू प्रसाद यादव के इशारे पर शिक्षा विभाग द्वारा किए जा रहे मुस्लिम तुष्टिकरण के नए राजनीतिक प्रयोग हैं। कभी जन्माष्टमी की छुट्टी काट लेते हैं। कभी जितिया की छुट्टी खत्म कर देते हैं। महापर्व छठ की छुट्टियां कम कर दी गईं और अब नवरात्र।
कुंतल कृष्णन, भाजपा प्रवक्ता
उन्होंने कहा कि नवरात्र में जहां सनातनी हिंदू भक्त मां दुर्गा की पूजा करते हैं उपासना करते हैं उपवास रख कर। वहां सनातनी शिक्षकों के लिए नया तुगलकी आदेश आ गया है कि आप भूखे प्यासे रहकर भी शिक्षक प्रशिक्षण में जाएं। अगर इतना ही जरूरी था शिक्षक प्रशिक्षण तो रमजान के महीने में क्यों नहीं करवा लिया। उस वक्त तो आप शिक्षक दिवस, शिक्षण घंटे कम कर देते हैं। जल्दी छुट्टी दे देते हैं। और हिंदुओं के पर्व में आप उपवास रख रहे हिंदू शिक्षकों से विशेष काम कराना चाह रहे हैं। यह सब लालू प्रसाद यादव के इशारे पर हो रहा है। सिर्फ और सिर्फ तुष्टिकरण की राजनीति के लिए हो रहा है।