पीके ने वरीय अधिवक्ता को जनसुराज की सदस्यता दिलाई।
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नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने जब से कहा है कि दिग्गज क्रिकेटर विराट कोहली उनकी कप्तानी में खेल चुके हैं। तब से उनके बयान पर सियासत शुरू हो चुकी है। जन सुराज के सूत्रधार और चुनावी रणनीतिकारण प्रशांत किशोर ने उन पर हमला बोला। तंज कसते हुए पीके ने कहा कि तेजस्वी नौवीं कक्षा में फेल हो गए और जब वे क्रिकेट खेलने गए तो वहां पानी ढोते थे। तेजस्वी यादव की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव की असली पहचान क्या है? सिर्फ इसलिए कि वे लालू यादव के बेटे हैं, लोग उन्हें जानते हैं और इसी वजह से वे RJD के नेता भी हैं और इसी वजह से उन्हें बिहार का उप-मुख्यमंत्री बनाया गया। प्रशांत किशोर ने तेजस्वी यादव के काम की भी आलोचना करते हुए कहा कि तेजस्वी को प्रशांत किशोर की चुनौती है कि वह जीडीपी को परिभाषित कर दे। उनका किसी महत्वपूर्ण मुद्दे से कोई लेना-देना नहीं है। तेजस्वी और राजद की राजनीति सिर्फ जाति और धर्म के नाम पर लोगों को बांटकर चुनाव जीतना है।
पीके ने "वन नेशन वन इलेक्शन" का समर्थन किया
वहीं पीके ने "वन नेशन वन इलेक्शन" का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि "एक देश एक चुनाव" राष्ट्रहित में है। प्रशांत किशोर ने कहा कि उनका मानना है अगर इसे सही नीयत से लागू किया जाए तो "वन नेशन वन इलेक्शन" देश के लिए काफी फायदेमंद होगा। उन्होंने अपने अनुभव के आधार पर कहा कि हर साल देश की करीब एक चौथाई जनता मतदान करती है। इस वजह से सरकार चलाने वाले लोग ज्यादातर समय चुनाव के चक्र में फंसे रहते हैं। इसलिए अगर इसे एक या दो बार किया जाए तो सरकार भी हमेशा चुनाव मोड में नहीं रहेगी। साथ ही सरकार और जनता दोनों का समय और खर्च बचेगा। उन्होंने सरकार को सलाह दी कि देश में पिछले 50 सालों से चली आ रही चुनाव प्रक्रिया को एक दिन में नहीं बदला जा सकता। सरकार को इस बदलाव को लागू करने के लिए 4-5 साल का समय देना चाहिए। इतने बड़े बदलाव एक दिन में नहीं हो सकते।
वरिष्ठ अधिवक्ता हुए जनसुराज में शामिल
इधर, बिहार के वरिष्ठ अधिवक्ता बसंत कुमार चौधरी जनसुराज में शामिल हो गए। पटना में प्रशांत किशोर ने उन्हें पार्टी में शामिल कराया। जनसुराज में शामिल होने के बाद बसंत कुमार चौधरी ने कहा कि मैं पिछले 45 साल से प्रगतिशील विचारधारा के साथ काम कर रहा हूँ। मैंने कर्पूरी जी के समय भी काम किया है। लालू के साथ भी, वहीं चारा घोटाला मामले में बहस भी किया है। प्रशांत किशोर जी की विचारधारा से मैं प्रभावित हूँ। जनसुराज साथ जुड़कर अभी बिहार के लिए बहुत काम करने है।