जिले के रसूलपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत धानाडीह गांव में विगत 17 जुलाई को एक ही परिवार के 3 सदस्यों की चाकू गोद कर नृशंस हत्या कर दी गयी थी, जिसके बाद सारण के पुलिस अधीक्षक डॉ कुमार आशीष के द्वारा गठित टीम ने अथक प्रयास और परिश्रम करते हुए मात्र एक घंटे अंदर दोनों अपराधियों को सबूत के साथ गिरफ्तार करने में सफलता पाई थी।
वहीं वैज्ञानिक तरीके से FSL के विशेषज्ञ द्वारा सबूत संकलन और अग्रतर अनुसंधान किया जा रहा था। इसी कड़ी में घटना के 14 दिनों के अंदर इस जघन्य हत्याकांड में सारण पुलिस ने अनुसंधान पूरा करते हुए 31 जुलाई को व्यवहार न्यायालय छपरा में चार्ज शीट भी दाखिल कर दिया गया है। इस मौके पर सारण के पुलिस अधीक्षक द्वारा जिला एवं सत्र न्यायाधीश से त्वरित विचारण करने का अनुरोध भी किया गया है। क्योंकि इस तिहरे हत्याकांड के अनुसंधान संबंधित सभी तरह की अनिवार्यता पूर्ण करा ली गयी है। त्वरित विचारण से इसमें यथाशीघ्र सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
अपराधियों को सजा दिलाना अपराध रोकथाम का सबसे कारगर तरीका
सारण के पुलिस अधीक्षक डॉ कुमार आशीष ने अपराध नियंत्रण में जन सहभागिता विषय के संबंध में बताया कहा कि अपराधियों को सजा दिलाना अपराध की रोकथाम का सबसे कारगर तरीका है। क्योंकि सजा का डर अपराधियों को अपराध करने से रोकता है। अपराध किसी व्यक्ति मात्र के विरूद्ध नहीं बल्कि समाज एवं राष्ट्र के विरूद्ध किया जाता है।
वहीं अपराधियों के संबंध में पुलिस को सूचना देना तथा अपराधियों को सजा दिलाना सम्मान के सभी व्यक्तियों का कर्त्तव्य है। हालांकि ज्यादातर अपराधी पुलिस एवं न्यायालय में गवाहों के द्वारा गवाही नहीं देने के कारण दोषमुक्त हो जाते हैं। अपराधियों के विरूद्ध पुलिस को सूचना देकर एवं उनके विरुद्ध गवाही देकर नागरिक, पुलिस एवं समाज की मदद कर सकते हैं। जिलेवासियों से अपील करते हुए पुलिस अधीक्षक ने कहा कि अपराधियों से खतरा होने की स्थिति में सुरक्षा के लिए गवाह को पुलिस से संपर्क करना चाहिए। उन्हें गवाही के लिए न्यायालय में उपस्थित कराने को लेकर सभी तरह के सहयोग देने के लिए सारण पुलिस सदा आपके लिए तत्पर है।
अपराध रोकथाम और बेहतर विधि- व्यवस्था संधारण में आम जन का सहयोग आपेक्षित: डॉ कुमार आशीष
आगे उन्होंने यह भी कहा कि बिहार सरकार द्वारा गवाह संरक्षण योजना लागू किया गया है। जहां राज्य स्तर पर गवाह सुरक्षा कोषांग का गठन किया गया है। साथ ही जिला स्तर पर भी गवाह सुरक्षा कोषांग का गठन किया गया है। जिला स्तर पर सक्षम प्राधिकार का गठन जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अध्यक्षता में किया गया है। गवाह सुरक्षा योजना के अंतर्गत गवाह अपनी सुरक्षा प्रदान करने के लिए आवेदन जिला अभियोजन पदाधिकारी को समर्पित कर सकते हैं। सुरक्षा आंकलन प्रतिवेदन लेने के लिए 05 दिनों के अंदर सक्षम प्राधिकार द्वारा गवाह की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आदेश पारित किया जाना है।
आवश्यकतानुसार, तुरंत खतरा की स्थिति में सक्षम प्राधिकार द्वारा अंतरिम सुरक्षा आदेश जारी किया जा सकता है। हालांकि खतरे के आलोक में गवाह को व्यक्तिगत सुरक्षा, आवासीय सुरक्षा, पुननिर्वासन, संपर्क एवं पता परिवर्तन आदि की कार्रवाई आवश्यकतानुसार की जानी है। इस अवसर पर पुलिस अधिक द्वारा अपील किया गया है कि अपराध रोकथाम और बेहतर विधि- व्यवस्था संधारण में आम जन सहयोग करते हुए तत्काल सूचना देने के साथ उचित कार्रवाई के बाद गवाही देना सुनिश्चित करे। तभी एक सुरक्षित समाज निर्माण की परिकल्पना की जा सकती है।