जीतन राम मांझी
जीतन राम मांझी । फिर । फिर । । मई 2014 से फरवरी 2015 तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे। मोदी सरकार में वह केंद्रीय मंत्री बने।
चिराग पासवान
चिराग पासवान ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 2014 के लोकसभा चुनाव से की थी। वह जमुई से पहली बार सांसद बने। 2019 के चुनाव में वह फिर से जमुई से सांसद बने। 2024 के लोगसभा चुनाव में चिराग हाजीपुर से चुनाव लड़े और कुल 6,15,718 वोट लाकर अपने निकटतम प्रतिद्वंदी व राजद उम्मीदवार शिवचन्द्र राम को 1.70 लाख से अधिक वोटों से हराया। मोदी के हनुमान कहे जाने वाले चिराग पासवान इस बार पहली बार केंद्र में मंत्री बने हैं।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह
गिरिराज सिंह पहली बार 2007 में मंत्री बने। गिरिराज सिंह 2008 से 2010 तक वह सहकारिता मंत्री रहे। 2010-13 तक वह पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री रहे। 2014 में पहली बार नवादा के संसद बने। इसके बाद मोदी कैबिनेट में मंत्री बने। फिर 2017 में पहली बार केंद्र में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रहे।
राम नाथ ठाकुर
रामनाथ ठाकुर 1989 और 1995 में लालू प्रसाद यादव के द्वारा एमएलसी बनाये गये। फिर वह लालू सरकार में मंत्री भी रहे। इसके बाद उन्होंने लालू प्रसाद यादव का साथ छोड़कर नीतीश कुमार के साथ हो लिए। इसके बाद वह दो बार विधायक और बिहार सरकार नीतीश कैबिनट में मंत्री भी बने। दो बार विधायक रहने के बाद वह अख्तरुल इस्लाम शाहीन से चुनाव हार गए। इसके बाद नीतीश कुमार ने उन्हें राज्यसभा भेज दिया।
ललन सिंह
ललन सिंह वर्ष 2000 से 2004 तक जनता दल यूनाइटेड के राज्यसभा सांसद रहे। 2009 से 2014 तक वह जनता दल यूनाइटेड के मुंगेर से सांसद रहे। वर्ष 2021 में पहली बार जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। वर्ष 2024 में लोकसभा चुनाव में बाहुबली अशोक महतो की नवविवाहिता पत्नी कुमारी अनिता को 80,807 मतों से पराजित कर मुंगेर से लगातार दूसरी बार सांसद बने।
नित्यानंद राय
नित्यानंद राय 1998 में भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष बने। वर्ष 2000 में हाजीपुर से बिहार विधानसभा का चुनाव जीते। यहां से उन्होंने चार बार चुनाव जीता। नित्यानंद राय 2016 में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बने और फिर उन्हें गृह राज्य मंत्री बनाया गया।
सतीशचंद दूबे
सतीश चंद्र दूबे को नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में पहली बार जगह मिली है। चनपटिया और नरकटियागंज से तीन बार विधायक चुने जा चुके सतीशचंद दुबे 2014 में वाल्मीकिनगर लोकसभा से भाजपा के सांसद निर्वाचित हुए थे। 2019 में राम जेठमलानी के निधन के बाद शेष अवधि के लिए पहली बार राज्यसभा सदस्य बनाए गए। फिर पार्टी ने इन्हें 2022 में संसद के उच्च सदन राज्यसभा में भेजा।
राज भूषण चौधरी
मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी छोड़कर भाजापा के टिकट पर पहली बार मुजफ्फरपुर से सांसद बने राजभूषण चौधरी भी टीम मोदी में शामिल हो गए। उन्होंने राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में शपथ ली। इस लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के अजय निषाद को करीब 2,34,927 वोटों से हराया और बिहार में सबसे ज्यादा मार्जिन जीतने वाले सांसद बन गए। भाजपा इन्हें मंत्री पद देकर मल्लाह वोट बैंक पर अच्छी पकड़ बनाना चाहती है।