पटना में आगजनी का कई बार प्रदर्शन कर चुके हैं लोग। सवाल अब भी अनसुलझे।
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
अबतक इतनी ही बात सामने आयी थी
फुलवारीशरीफ थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली दो सहेलियां थीं। एक की उम्र लगभग 10 वर्ष और दूसरी की आठ साल बताई गई। सोमवार को दोनों अपने-अपने घर के लिए जलावन लाने को पास में ही निकली थीं। दोनों सहेलियां लापता हो गईं। परिवार वालों ने दोनों को खोजने का काफी प्रयास किया, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। अगले दिन, मंगलवार को परिवार के लोगों को सूचना मिली कि दोनों लापता सहेलियों का शव कुछ दूर एक चवर में पड़ा है। परिवार के लोग आननफानन में वहां पहुंचे तो देखा कि एक बच्ची बादहवास वहां बैठी थी, जबकि एक का शव एक बाउंड्री के नजदीक पड़ा था। इस घटना के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई । गांव के लोगों ने इसकी सूचना फुलवारीशरीफ थाने को दी थी। पुलिस ने घायल बच्ची को इलाज के लिए पटना एम्स में भर्ती कराया। उसके बाद से पुलिस के रवैये के खिलाफ आगजनी-प्रदर्शन शुरू हुआ। थाने पर भी हमला हुआ, जिसमें एक पुलिसकर्मी का सिर भी फट गया।
लड़कियों के दलित और आरोपी के प्रभावी की बात
हंगामा बढ़ा तो यह भी मामला सामने आया कि दोनों पीड़ित दलित वर्ग से हैं और आरोपी को कुछ राजनेताओं का संरक्षण प्राप्त है। सरकार इसलिए भी घिर गई, क्योंकि सत्ता के समर्थक वामपंथी दलों ने भी विरोध शुरू कर दिया। भाजपा के कुछ नेताओं ने पीड़ितों के दलित और आरोपी के दूसरे धर्म का होने की भी बात कही। इतना कुछ होने के बाद शुक्रवार को पटना एसएसपी ने एक ही युवक की संलिप्तता बताते हुए उसकी गिरफ्तारी की औपचारिक जानकारी दी।
इन सवालों का जवाब आज एसएसपी देंगे
पटना एसएसपी की ओर से औपचारिक जानकारी के बाद 'अमर उजाला' ने उनसे कुछ सवाल किए तो उन्होंने शनिवार को जानकारी देने की बात कही। आधारभूत सवाल यही था कि आरोपी का नाम-पता-उम्र क्या है? लड़कियां उस आरोपी तक कैसे पहुंची या आरोपी उन दोनों तक कैसे पहुंचा? अगर वह अकेला था तो एक से दुष्कर्म करने के दौरान उसने दूसरे को कैसे नियंत्रित किया? क्या उसने दूसरी बच्ची के सामने एक के साथ रेप के बाद मर्डर किया, फिर दूसरे के साथ वहशीपन किया? क्या जहां पर रेप हुआ, वहीं हत्या हुई? अगर नहीं तो लाश को कैसे वहां तक लेकर आया और दूसरी लड़की कैसे जिंदा वहां तक पहुंची? इतना कुछ करने के बाद वह अबतक कहां था?