Bihar health : स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी यादव का दावा है कि सूबे के सभी अस्पताल संसाधनों से लैश हैं लेकिन खोखले दावों की वजह से एक मरीज की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि एम्बुलेंस में लगे सिलेंडर में ऑक्सीजन नहीं होने की वजह से मरीज की मौत हुई है।
जनवरी 2023 में सरकार ने दावा किया था कि बिहार देश का पहला राज्य बन गया है, जहां एक कॉल पर मुफ्त में एंबुलेंस की सेवा मिलेगी। शहरी क्षेत्र में एम्बुलेंस को कॉल करने पर 35 मिनट में और ग्रामीण क्षेत्रों में एम्बुलेंस को कॉल करने पर 20 मिनट में सुविधा मिल जाएगी। लेकिन आज उस एंबुलेंस की वजह से एक मरीज की मौत हो गई। वजह था एम्बुलेंस में ऑक्सीजन के सिलेंडर का खाली होना। परिजनों का आरोप है कि स्वास्थ महकमे की जानलेवा लापरवाही और लचर व्यवस्था की वजह से मरीज की मौत हो गई है।
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सांस लेने में दिक्कत होने पर अस्पताल में कराया गया था भर्ती
घटना के संबंध में परिजनों का कहना है कि हाजीपुर के रहने वाले मो ताहिर को सांस लेने में दिक्कत होने की वजह से परिजन उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया था। डाक्टरों ने सांस में हो रही दिक्कत को देखते हुए आनन-फानन में इस मरीज को ऑक्सीजन के साथ पटना रेफर कर दिया। परिजन मो ताहिर को एंबुलेंस में डालकर पटना के लिए अस्पताल से निकलने लगे लेकिन इसी बीच मरीज की मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि एंबुलेंस में बैठने के बाद एंबुलेंसकर्मी ने जल्दी जल्दी में ऑक्सीजन लगाया लेकिन सिलेंडर में ऑक्सीजन नहीं था। सिलेंडर में ऑक्सीजन नहीं होने की वजह से कुछ ही देर में मरीज की मौत हो गई।
परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
मृतक मरीज के परिजन मो साहिल ने बताया कि मेरे मरीज को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। इनको सदर अस्पताल लाये तो चिकित्सक मरीज को ऑक्सीजन लगा दिए और बोले कि जल्दी पटना ले जाओ। 102 को बुलाया गया और जल्दी जल्दी मरीज को एंबुलेंस में डालकर ले जाने लगे। लेकिंन एंबुलेंस में ऑक्सीजन नहीं था। एम्बुलेंस कर्मी और ड्राइवर ऑक्सीजन सिलेंडर का इंतजाम करने का बहाना करते हुए इधर उधर करता रहा। इस तरह हमलोग वहीं लगभग 15 मिनट तक खड़े रहे लेकिन एम्बुलेंस कर्मी और ड्राइवर ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं करा सके और इसी दौरान मरीज की मौत हो गई।